श्योपुर।
 मध्य प्रदेश के श्योपुर से एक बड़ी खबर सामने आई है।  ढाई करोड़ के घोटाले की मास्टरमाइंड तहसीलदार अमिता सिंह तोमर को  गिरफ्तार कर लिया गया है।इस गिरफ्तारी के बाद हलचल है। बाढ़ पीड़ितों के लिए आई राहत राशि को लूट का जरिया बनाने वाले  तहसीलदार को आखिरकार अपने कारनामे की सजा मिली है और बड़ी कार्रवाई हुई है। तहसीलदार अमिता सिंह तोमर को पुलिस ने ग्वालियर से गिरफ्तार कर लिया है।

बाढ़ पीड़ितों के लिए आई राहत राशि का किया था गड़बड़झाला
दरअसल तहसीलदार अमिता तोमर ने साल 2021 की बाढ़ में पीड़ितों के लिए आई राहत राशि को भ्रष्टाचार का अड्डा बना लिया था । बड़ौदा तहसील में करीब ढाई करोड़ रुपये के बाढ़ राहत घोटाले की मुख्य आरोपी तत्कालीन तहसीलदार पर अब जाकर सख्त कार्रवाई हुई है। ऑडिट जांच में सामने आया कि कई अपात्र और काल्पनिक नामों पर मुआवजा राशि निकाली गई, दस्तावेजों में हेरफेर कर सरकारी खजाने को बड़ा नुकसान पहुंचाया गया। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी तहसीलदार को गिरफ्तार कर लिया।

एक दिन पहले ही विजयपुर तहसीलदार पद से हटाया गया था
आपको बता दें कि अमिता सिंह तोमर को एक दिन पहले ही विजयपुर तहसीलदार पद से हटा दिया गया था। इसके बाद पुलिस ने  उन्हें ग्वालियर स्थित निवास से गिरफ्तार कर लिया है।
सुप्रीम कोर्ट ने तहसीलदार को दिया था झटका
आपको बता दें कि साल 2021 में भीषण बाढ़ के दौरान तहसीलदार पर  राहत कार्यों में गड़बड़ी और भ्रष्टाचार के  संगीन आरोप लगे थे। इन आरोपों में फंसी तहसीलदार अमिता सिंह तोमर ने हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद देश के सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था लेकिन अग्रिम जमानत याचिका कोर्ट ने खारिज कर दी थी।