शाजापुर। 
गुरुवार को कांग्रेस के उग्र प्रदर्शन के बाद जिले में सियासी और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। देर रात पुलिस ने 12 नामजद नेताओं सहित 150 से अधिक कांग्रेसी कार्यकर्ताओं पर मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई लालघाटी थाना प्रभारी अर्जुन सिंह मुजाल्दे की शिकायत पर की गई। जानकारी के मुताबिक, विरोध प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता बैरिकेडिंग तोड़ते हुए कलेक्टर कार्यालय परिसर तक पहुंच गए। इतना ही नहीं, दो गेट तोड़कर प्रदर्शनकारी कलेक्टर कक्ष तक जा पहुंचे और वहां तोड़फोड़ की घटना भी सामने आई। कलेक्टर कार्यालय में इस तरह की घटना पहली बार बताई जा रही है, जिसने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
भारी पुलिस बल के बावजूद चूक
प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने पहले से ही कड़े इंतजाम किए थे। मौके पर 5 निरीक्षक, 4 उप निरीक्षक, 4 सहायक निरीक्षक, 10 प्रधान आरक्षक, 12 आरक्षक और 5 महिला आरक्षक सहित करीब 40 पुलिसकर्मी तैनात थे। इसके अलावा एडिशनल एसपी घनश्याम मालवीय और एसडीएम मनीषा वास्कले सहित प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। बावजूद इसके, प्रदर्शनकारियों का कलेक्टर कक्ष तक पहुंच जाना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है।
एफआईआर पर पर्दा डालने की कोशिश?
मामले में यह भी सामने आया कि पुलिस प्रशासन शुरुआती स्तर पर एफआईआर दर्ज होने की जानकारी को सार्वजनिक करने से बचता रहा। थाना प्रभारी अर्जुन सिंह मुजाल्दे ने पहले प्रकरण दर्ज होने से इनकार किया, लेकिन बाद में दस्तावेज सामने आने पर कार्रवाई की पुष्टि हुई।
इन नेताओं पर दर्ज हुआ मामला
पुलिस ने कांग्रेस जिलाध्यक्ष नरेश्वर प्रताप सिंह, पूर्व विधायक व राष्ट्रीय सचिव कुणाल चौधरी समेत मनीष परमार, राधेश्याम मालवीय, सीताराम पवैया, जयंत सिकरवार, राजकुमार कराड़ा, इरशाद खान, इरशाद नागौरी, शकील वारसी, आशुतोष शर्मा और कमल चौधरी को नामजद आरोपी बनाया है। सभी पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223(ए), 132 और 191(2) के तहत केस दर्ज किया गया है। फिलहाल किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन पुलिस ने शुक्रवार से धरपकड़ शुरू करने के संकेत दिए हैं।
SP बोले—TI देंगे जवाब
सुरक्षा में चूक के सवाल पर एसपी यशपाल सिंह राजपूत ने जिम्मेदारी थाना प्रभारी पर डालते हुए कहा कि मौके की पूरी स्थिति और तैनाती की जानकारी टीआई ही स्पष्ट करेंगे। वहीं, थाना प्रभारी से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया।
कांग्रेस का तेवर बरकरार
दूसरी ओर कांग्रेस नेताओं ने साफ किया है कि यह आंदोलन यहीं नहीं रुकेगा। पूर्व विधायक कुणाल चौधरी ने कहा कि वे जनता के मुद्दों को लेकर आगे भी संघर्ष जारी रखेंगे और जरूरत पड़ी तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। कुल मिलाकर, शाजापुर की यह घटना अब कानून-व्यवस्था और सियासी टकराव दोनों का बड़ा मुद्दा बन गई है, जिस पर आने वाले दिनों में और गर्माहट देखने को मिल सकती है।