एमपी की सियासत में 'डॉग पॉलिटिक्स': जब नेता प्रतिपक्ष ने कुत्ते को सौंप दिया ज्ञापन; सीहोर में घंटों इंतज़ार के बाद दिखा अनोखा विरोध
सीहोर।
मध्य प्रदेश की राजनीति में विरोध प्रदर्शन का एक ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसकी चर्चा अब गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक हो रही है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कलेक्टर से मुलाकात न होने पर अपना गुस्सा बेहद तल्ख और अनोखे अंदाज में जाहिर किया। ढाई घंटे के इंतजार के बाद जब साहब नहीं आए, तो सिंघार ने वहां मौजूद एक कुत्ते को ही ज्ञापन सौंप दिया।
कुत्ते के गले में टांगी 'कलेक्टर' की तख्ती
दरअसल, उमंग सिंघार किसानों और स्थानीय मुद्दों को लेकर सीहोर कलेक्ट्रेट में धरने पर बैठे थे। उनका आरोप था कि वे लंबे समय से कलेक्टर का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन अधिकारी जनता की आवाज सुनने के लिए बाहर नहीं आ रहे हैं। इस पर तंज कसते हुए सिंघार ने एक कुत्ते के गले में ‘कलेक्टर’ लिखी हुई तख्ती टांग दी और ज्ञापन भी उसी के गले में बांध दिया।
"अधिकारी नहीं सुनेंगे, तो ऐसे ही होगा अपमान"
कुत्ते को ज्ञापन सौंपते हुए नेता प्रतिपक्ष ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा: "ये सीहोर कलेक्टर हैं, जो जनता की आवाज नहीं सुनते। अगर अधिकारी जनता की बात नहीं सुनेंगे और इसी तरह संवेदनहीन बने रहेंगे, तो उनका इसी तरह अपमान होगा।" यही नहीं, उन्होंने कुत्ते से बात करते हुए यह भी कहा कि "ये ज्ञापन मुख्यमंत्री तक पहुंचा देना।"
प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश
इस हाई-वोल्टेज ड्रामे से पहले सिंघार की वहां मौजूद एडीएम (ADM) से भी तीखी बहस हुई थी। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि भाजपा सरकार के दबाव में प्रशासनिक अधिकारी विपक्षी नेताओं और जनता की समस्याओं को नजरअंदाज कर रहे हैं। सिंघार ने साफ लहजे में चेतावनी दी कि अधिकारियों का यह रवैया लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है और आने वाले दिनों में विरोध और उग्र होगा।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
कलेक्ट्रेट परिसर में हुए इस घटनाक्रम का वीडियो अब तेजी से वायरल हो रहा है। जहां कांग्रेस समर्थक इसे विरोध का सशक्त तरीका बता रहे हैं, वहीं प्रशासनिक गलियारों में इसे पद की गरिमा के खिलाफ माना जा रहा है।

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