सीधी। 
राजनीति में जब कोई बड़ा चेहरा जमीन पर उतरता है, तो चर्चा होना लाजिमी है। सीधी लोकसभा क्षेत्र से भाजपा सांसद डॉ. राजेश मिश्रा इन दिनों अपने खास अंदाज को लेकर सुर्खियों में हैं। उनके दो हालिया वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिन्होंने जिले की सियासत में 'सादगी बनाम पब्लिसिटी स्टंट' की नई बहस छेड़ दी है।
फुटपाथ पर सैलून और सांसद जी की हेयर कटिंग
पहला मामला तब सामने आया जब सांसद डॉ. राजेश मिश्रा सुबह की सैर (Morning Walk) पर निकले थे। इस दौरान वे किसी बड़े शोरूम या सैलून में जाने के बजाय सड़क किनारे पेड़ के नीचे बैठे एक छोटे से नाई की दुकान पर रुक गए। सांसद ने आम आदमी की तरह कुर्सी पर बैठकर बाल कटवाए। बिना किसी तामझाम और सुरक्षा प्रोटोकॉल की परवाह किए सड़क किनारे बाल कटवाते सांसद का वीडियो अब लोगों के मोबाइल तक पहुँच चुका है।
खेतों में उतरे, बीनने लगे महुआ
सांसद की सक्रियता यहीं नहीं रुकी। अपने संसदीय क्षेत्र के ग्रामीण दौरे के दौरान डॉ. मिश्रा एक खेत में पहुंच गए, जहां ग्रामीण महुआ बीन रहे थे। सांसद ने बिना किसी झिझक के ग्रामीणों के साथ जमीन पर बैठकर महुआ बीनना शुरू कर दिया। ग्रामीणों के लिए यह दृश्य चौंकाने वाला था कि उनका सांसद उनके साथ पारंपरिक काम में हाथ बंटा रहा है।
सादगी या चुनावी दिखावा?
इन वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया दो धड़ों में बंट गया है: समर्थकों का कहना है कि डॉ. राजेश मिश्रा हमेशा से जमीन से जुड़े नेता रहे हैं और उनका यह व्यवहार उनकी सहजता और जनता के प्रति प्रेम को दर्शाता है। वहीं, कुछ लोग इसे 'पब्लिसिटी स्टंट' करार दे रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि कैमरे की मौजूदगी में किया गया हर काम राजनीति का हिस्सा होता है और यह सब सुर्खियां बटोरने के लिए किया जा रहा है। वजह चाहे जो भी हो, लेकिन डॉ. राजेश मिश्रा ने अपने इन कदमों से यह तो साबित कर दिया है कि वे 'कैमरा और कैंची' दोनों का सही इस्तेमाल करना जानते हैं। फिलहाल, सीधी की जनता के बीच यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि सांसद जी का यह अंदाज उनकी असली फितरत है या सिर्फ एक सियासी रील। जब जनसेवक जनता के बीच उनके ही अंदाज में पहुंचता है, तो वह सुर्खियां भी बटोरता है और सवाल भी खड़े करता है। अब यह सादगी है या स्टंट, इसका फैसला तो वक्त और आने वाले चुनाव ही करेंगे।