डिप्टी सीएम की 'परिक्रमा' पड़ी भारी, सरेआम हो गई भाजपा विधायक की फजीहत!
रीवा।
सियासत में कद बढ़ाना हो या कुर्सी बचानी हो, बड़े नेताओं की 'चरण वंदना' को एक अचूक मंत्र माना जाता है। लेकिन रीवा में यह दांव उस वक्त उल्टा पड़ गया जब खुद को डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल का खास बताने वाले मनगवां विधायक नरेंद्र प्रजापति को सरेआम उपेक्षा का सामना करना पड़ा। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अब विधायक जी की जमकर किरकिरी हो रही है।
न माला स्वीकारी, न आशीर्वाद दिया
वाकया तब हुआ जब डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल अपनी कार में बैठे थे। विधायक नरेंद्र प्रजापति पूरे लाव-लश्कर और उत्साह के साथ उनका स्वागत करने पहुँचे। उन्होंने झुककर डिप्टी सीएम को माला पहनाने की कोशिश की, लेकिन शुक्ल ने माला पहनने के बजाय उसे बेरुखी से किनारे रखवा दिया। हैरानी की बात तो तब हुई जब विधायक जी ने अपना समर्पण दिखाने के लिए डिप्टी सीएम के चरण स्पर्श किए, लेकिन राजेंद्र शुक्ल ने उसे भी पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया और अपना ध्यान दूसरी ओर मटका लिया।
खास होकर भी हुए 'नजरअंदाज'
सियासी गलियारों में यह चर्चा का विषय इसलिए है क्योंकि नरेंद्र प्रजापति को डिप्टी सीएम का बेहद करीबी और उनका 'परिक्रमाधारी' माना जाता है। अक्सर सार्वजनिक मंचों पर वे चरण वंदना करते नजर आते हैं, लेकिन इस बार भरी भीड़ के सामने हुई इस 'कोल्ड वार' जैसी स्थिति ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
चर्चाओं का बाजार गर्म
राजनीति के जानकारों का कहना है कि नेता जी ने पद और कद की मजबूती के लिए जो 'नतमस्तक' होने का रास्ता चुना था, उसने उन्हें सुर्खियों में तो ला दिया, लेकिन गलत वजहों से। अब लोग पूछ रहे हैं कि क्या यह सिर्फ एक व्यस्तता थी या फिर विधायक जी के लिए डिप्टी सीएम की तरफ से कोई कड़ा संदेश? राजनीति में 'जी-हुजूरी' तो पुरानी परंपरा है, लेकिन जब कैमरा चालू हो और बड़ा नेता नजरें फेर ले, तो वह 'निष्ठा' नहीं, बल्कि सरेआम 'फजीहत' बन जाती है। विधायक जी के लिए यह सबक है कि जनता के बीच कद काम से बढ़ता है, केवल चरण वंदना से नहीं।

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