अपने ही लोगों से बना ‘मूसा गैंग’! भाजपा विधायक के डर की असली कहानी आई सामने
रीवा।
मऊगंज से भाजपा विधायक प्रदीप पटेल जिस कथित ‘मूसा गैंग’ के डर से पिछले एक महीने से अज्ञातवास में थे, अब उस डर की परतें खुल चुकी हैं। जांच में सामने आया है कि जिस गैंग को विधायक बाहरी गिरोह बता रहे थे, वह असल में उनके ही करीबी लोगों का समूह निकला। सूत्रों के मुताबिक विधायक के करीबी और उनकी मित्रमंडली को ही ‘मूसा गैंग’ कहा गया है। इस समूह में शराब तस्करों से लेकर आदतन अपराधी तक शामिल बताए जा रहे हैं। टीआई द्वारा रोजनामचे में दर्ज रिपोर्ट में भी इसी ‘मूसा गैंग’ से खुद को खतरा बताया गया था। बाद में मामला इतना बढ़ा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विधायक को अपने निवास पर बुलाकर बातचीत की।
दोस्त से दुश्मन तक की कहानी
कभी प्रदीप पटेल के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने वाले संतोष तिवारी अब उनके लिए खतरा बन गए हैं। मस्जिदों के कथित अतिक्रमण के विरोध में हुए धरने में दोनों साथ नजर आए थे, लेकिन जनवरी में हुए एक विवाद के बाद रिश्तों में दरार आ गई। शराब तस्कर विपिन त्रिपाठी से जुड़े मामले में संतोष तिवारी, युवा कांग्रेस अध्यक्ष आशुतोष तिवारी और लिस्टेड बदमाश अशोक चौरसिया पर टीआई को धमकाने का आरोप लगा। टीआई को चार घंटे तक चैंबर में बंद रखने की घटना ने प्रशासन में हड़कंप मचा दिया।
इसी केस में टीआई ने इन चारों को ‘मूसा गैंग’ बताते हुए रोजनामचे में गंभीर आशंका दर्ज की थी। विधायक द्वारा संतोष का साथ न देने से मामला और बिगड़ गया। अब खुद संतोष तिवारी ने एसपी को ज्ञापन देकर विधायक पर गलत आरोप लगाने का दावा किया है और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
अब सवाल ये है: क्या ‘मूसा गैंग’ बाहर का खतरा था या सत्ता के आसपास पनपा अंदरूनी गिरोह? इस पूरे मामले पर पुलिस जांच और राजनीतिक हलकों की नजर टिकी हुई है।

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