रीवा। 
शहर के वार्ड नंबर 16 में गंदे पानी की शिकायतों को लेकर निरीक्षण करने पहुंचे महापौर अजय मिश्रा ‘बाबा’ का एक विवादित बयान सामने आया है। इसके बाद सियासी माहौल गरमा गया है। घटनाक्रम गुरुवार का बताया जा रहा है, जिसका वीडियो शुक्रवार को सामने आया। निरीक्षण के दौरान महापौर ने जहां इलाके की समस्या को गंभीर बताया, वहीं एक निगम कर्मचारी को फोन पर फटकार लगाते हुए आपा खो बैठे और अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर दिया। महापौर ने मौके पर कहा कि लंबे समय से क्षेत्र के लोग गंदे पानी की शिकायत कर रहे थे। जब वह स्थल पर पहुंचे तो देखा कि नाली के बिल्कुल पास बोरबेल बनाया गया है, जिसकी वजह से दूषित पानी की समस्या उत्पन्न हो रही है। उन्होंने इस व्यवस्था को लापरवाही का नतीजा बताया और तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। इसी दौरान महापौर ने संबंधित कर्मचारी को फोन लगाया और नाराजगी जाहिर करते हुए तीखे शब्दों का प्रयोग किया। उन्होंने कहा मौके पर मौजूद लोगों के मुताबिक, महापौर के इस आक्रामक लहजे ने सभी को चौंका दिया। हालांकि, उन्होंने साफ तौर पर इलाके में फैली गंदगी और दूषित पानी को लेकर सख्त कार्रवाई की बात कही और जिम्मेदारों पर जुर्माना लगाने के निर्देश भी दिए। वहीं, इस बयान के सामने आने के बाद भाजपा ने कांग्रेस पर हमला बोला है। वरिष्ठ भाजपा नेता और रीवा नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष दीनानाथ वर्मा ने कहा कि इस तरह की भाषा किसी भी जनप्रतिनिधि के पद की गरिमा के अनुरूप नहीं है और यह अहंकार को दर्शाती है। साथ ही उन्होंने इसे अनुसूचित जाति (SC) समाज का अपमान भी बताया और कहा कि देश के प्रधानमंत्री ने सफाई कर्मियों के पैर धोकर उनका सम्मान किया है, जबकि यहां इस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि महापौर चार साल के कार्यकाल में पहली बार AC चेम्बर से बाहर निकले थे। फिलहाल, इस पूरे मामले को लेकर शहर में चर्चा का माहौल है और महापौर के व्यवहार को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।