रतलाम।
रबी फसल की बोवनी जारी है तो कई जगहों पर हो चुकी है. वहीं किसान खाद के लिए दिनभर भटकते हैं लेकिन भारी मशक्कत के बाद एक या दो बोरी ही खाद मिल पाती है. रतलाम जिले में खाद की कालाबाजारी को लेकर भी लगातार शिकायतें मिलती हैं. इसी को देखते हुए एक दिन पहले रतलाम कलेक्टर मिशा सिंह ने अफसरों की मीटिंग लेकर खाद वितरण की व्यवस्था का जायजा लिया. मीटिंग में कलेक्टर ने अफसरों को नसीहत दी कि मौके पर जाकर खाद वितरण केंद्रों का निरीक्षण करें.
कलेक्टर ने खुद गिनवाईं खाद की बोरियां
खाद की कालाबाजारी की शिकायतों को देखते हुए रतलाम कलेक्टर मिशा सिंह खुद मैदान में उतर गईं. रतलाम जिले के विरियाखेड़ी स्थित खाद वितरण केंद्र पर कलेक्टर ने गोदाम में रिकॉर्ड और स्टॉक चेक किया. इस दौरान कलेक्टर ने खुद खड़े रहकर खाद की बोरियां गिनवाईं. स्टॉक रजिस्टर और गोदाम में खाद के बैग का मिलान नहीं होने पर कलेक्टर भड़क गई. ये देखकर अफसरों के हाथ-पैर फूल गए. कलेक्टर ने सख्ती दिखाते हुए रिपोर्ट तलब की है.
दो बोरी खाद के लिए दिनभर इंतजार
कलेक्टर की फटकार के बाद विरियाखेड़ी स्थित खाद वितरण केंद्र पर शुक्रवार देर रात तक जांच चलती रही. कलेक्टर ने खाद वितरण केंद्र पर पहुंचे किसानों से भी चर्चा भी की और उनकी समस्याएं सुनी. किसानों ने कलेक्टर से कहा "एक-दो बोरी खाद के लिए पूरे दिन लाइन में लगना पड़ता है." बंजली गांव के किसान आनंदीलाल ने कहा "मैडम हमें एक बार में ही जरूरत का खाद दिलवा दीजिए, ताकि हमें बार-बार यहां नहीं आना पड़े. इससे हमारे समय और भाड़े की भी बचत होगी."
किसानों की समस्या सुनी, भरोसा दिया
कलेक्टर ने किसानों की समस्याओं का समाधान करने का भरोसा दिया. कलेक्टर मिशा सिंह ने बताया "यह एक सामान्य निरीक्षण था. रबी की सीजन में खाद की उपलब्धता किसानों को समय पर करवाना हमारी प्राथमिकता है." वहीं, खाद वितरण केंद्र पर स्टॉक में कमी पाए जाने पर कलेक्टर ने कृषि विभाग और विपणन विभाग के अधिकारियों से पूछा "आप लोग खाद वितरण केंद्र पर पांव रखते भी है या नहीं." कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को हिदायत दी कि खाद वितरण केंद्र और गोदाम पर निरीक्षक और मॉनिटरिंग आवश्यक रूप से करें.