राजगढ़।
मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में अपने ही सीनियर अधिकारियों को जान से मारने की धमकी देने वाले विवादित हेड कांस्टेबल देवेंद्र मीणा एक बार फिर सुर्खियों में हैं। विभाग द्वारा बर्खास्त किए जाने के बाद देवेंद्र मीणा को इंदौर हाईकोर्ट की खंडपीठ से बहाली का आदेश मिल गया है। कोर्ट के आदेश के बाद उन्होंने नए बैच नंबर 481 के साथ राजगढ़ पुलिस लाइन में अपनी आमद दर्ज करा दी है। लेकिन, खाकी की इस वापसी के तुरंत बाद देवेंद्र मीणा की एक सोशल मीडिया पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें उन्होंने हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए नीचे लिखा है ' टाइगर अभी जिंदा है '। इस पोस्ट के बाद पुलिस महकमे के अनुशासन पर एक बार फिर उंगलियां उठने लगी हैं।
11 जिलों में हो चुका ट्रांसफर
गुना जिले के कुंभराज के रहने वाले देवेंद्र मीणा का पुलिस विभाग में विवादों से पुराना नाता रहा है। बर्खास्त होने से पहले वे मध्य प्रदेश के 10 अलग-अलग जिलों (बालाघाट, भोपाल, गुना, सागर, आगर, रतलाम आदि) में नौकरी कर चुके थे। राजगढ़ उनका 11वां जिला था, जहां करीब 4 साल नौकरी करने के बाद ब्यावरा टीआई वीरेंद्र सिंह धाकड़ से ट्रांसफर को लेकर उनका बड़ा विवाद हो गया था। विवाद इतना बढ़ा कि 10 दिसंबर 2024 को ट्रांसफर होने के बाद देवेंद्र ने तत्कालीन एसपी आदित्य मिश्रा और टीआई को धमकी भरे मैसेज भेज दिए। हालांकि, बाद में उन्होंने खुद को बचाने के लिए 17 पन्नों का एक लंबा माफीनामा भी लिखा था, जिसमें 15 पन्नों पर उन्होंने अपनी पुरानी सेवाओं और विवादों का ही जिक्र किया था।
43 दिन की गहन जांच के बाद हुई थी बर्खास्तगी
सीनियर अफसरों को धमकी देने के मैसेज जब सोशल मीडिया पर वायरल हुए, तो तत्कालीन एसपी आदित्य मिश्रा ने तुरंत एक्शन लेते हुए उन्हें सस्पेंड कर दिया था। इसके बाद विभाग ने इस पूरे मामले की 43 दिनों तक गहनता से विभागीय जांच की और अनुशासनहीनता के आरोप में देवेंद्र मीणा को सेवा से बर्खास्त कर दिया था। अब हाईकोर्ट के आदेश पर उनकी वापसी तो हो गई है, लेकिन 'टाइगर' वाली उनकी नई सोशल मीडिया पोस्ट ने साफ कर दिया है कि अफसर और कर्मचारी के बीच की यह तनातनी अभी खत्म नहीं हुई है।