अजब MP के गजब मंत्री: सरकारी मास्टर से भिड़े मंत्री जी! अब एक सब-इंस्पेक्टर तय करेगी 'माननीय' की सजा?
राजगढ़/सारंगपुर।
कहते हैं न मप्र अजब हैं गजब हैं और वास्तव में मप्र अजब ही हैं जहां एक तरफ एक पुलिसवाला रिश्वत लेने पहुंच भी जाता हैं और जब लोकायुक्त की टीम उसे रंगे हाथोें दबोच लेती हैं तो उसकी पैंट भी वहीं गिली हो जाती हैं। दूसरी तरफ एक मामला तो कुछ ज्यादा ही अजब हैं यहां मामला सीधा सरकार के एक मंत्री और एक स्कूल शिक्षक के बीच ठन गया है। राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टैटवाल पर एक सरकारी स्कूल के शिक्षक ने सरेराह जान से मारने और षड्यंत्र में फंसाकर बर्बाद करने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है।
क्या है पूरा विवाद?
मामले की जड़ में मंत्री गौतम टैटवाल का जाति प्रमाण पत्र है। सारंगपुर के शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में पदस्थ शिक्षक सुभाष शर्मा ने इंदौर हाई कोर्ट में एक रिट पिटीशन (WP संख्या: 21875/2024) दायर कर रखी है। शिक्षक का दावा है कि मंत्री जी का जाति प्रमाण पत्र फर्जी है।
होटल के बाहर 'धमकी'
शिक्षक सुभाष शर्मा के अनुसार, घटना 5 मार्च की है। उनका आरोप है कि जब वह सारंगपुर के 'जगगा होटल' से चाय पीकर बाहर निकले, तो मंत्री गौतम टैटवाल वहां पहुंचे। मंत्री ने उन्हें कथित तौर पर गाली-गलौज की और करियर बर्बाद करने के साथ-साथ जान से मारने की धमकी दी। शिक्षक ने इसकी शिकायत मुख्य सचिव, DGP और स्थानीय पुलिस से की है।
जांच पर सवाल: "SI कैसे करेगी मंत्री की जांच?"
इस मामले में मोड़ तब आया जब सारंगपुर थाने की सब-इंस्पेक्टर (SI) आकांक्षा हाड़ा और आनंद लाल बिलाला ने जांच शुरू की और शिक्षक को 29 तारीख को बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस भेजा। "एक अदना सा सब-इंस्पेक्टर प्रदेश के रसूखदार मंत्री की निष्पक्ष जांच कैसे कर सकता है? मुझे स्थानीय पुलिस पर भरोसा नहीं है। थाने जाने पर मुझे ही फंसाया जा सकता है।" शिक्षक ने अब मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए SIT (विशेष जांच दल) का गठन किया जाए, जिसमें कोई बड़ा IPS अधिकारी शामिल हो। खबर के अनुसार, इस मामले में अभी तक मंत्री गौतम टैटवाल की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। एक सरकारी शिक्षक का सीधे कैबिनेट स्तर के मंत्री से लोहा लेना और कोर्ट से लेकर पुलिस मुख्यालय तक मोर्चा खोल देना, मध्य प्रदेश के गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब देखना यह है कि हाई कोर्ट जाति प्रमाण पत्र पर क्या फैसला सुनाता है और पुलिस की जांच किस दिशा में जाती है।

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