रायसेन।
प्रदेश की राजधानी भोपाल के पड़ोसी रायसेन जिले के बरेली-पिपरिया स्टेट हाईवे पर पुल गिरने के दुखद मामले में दो अधिकारी नप गए हैं। जांच की रफ्तार आगे बढ़ते ही दूसरे बड़े अफसर को भी सस्पेंड कर दिया गया है। मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम (एमपीआरडीसी) के प्रबंध संचालक भरत यादव ने तीन दिन के भीतर दूसरी बड़ी कार्रवाई की है। उन्होंने बुधवार को लापरवाही और मॉनिटरिंग में चूक के आरोप में प्रभारी सहायक महाप्रबंधक विक्रम सिंह ठाकुर को निलंबित कर दिया है।
जीरो टोलरेंस के लिए जाने जाते हैं यादव
आपको बता दें कि एमपीआरडीसी के प्रबंध निदेशक भरत यादव (आईएएस) अपनी सख्त कार्यशैली और जीरो-टॉलरेंस नीति के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने साफ संदेश दिया है कि 'काम में जो भी अधिकारी लापरवाही करेगा, उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।' उन्होंने बताया कि जांच अभी भी जारी है, जिसकी भी गलती सामने आएगी उसे कार्रवाई के लिए तैयार रहना होगा।
पुल की मरम्मत के दौरान हुआ हादसा
आपको बता दें कि एमडी भरत यादव ने घटना के तुरंत बाद मुख्य अभियंता की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की थी। कमेटी ने बुधवार को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी, जिसमें यह पाया गया कि पुल के संधारण में प्रथम दृष्ट्या लापरवाही बरती गई। मरम्मत के दौरान सुरक्षा मानकों का ध्यान नहीं रखा गया। सुरक्षित यातायात आवागमन का प्रबंध नहीं किया गया।
रिपोर्ट में कौन जिम्मेदार
रिपोर्ट में सीधे तौर पर ठाकुर की जिम्मेदारी वाले कार्यक्षेत्र में हुई चूक को दुर्घटना का कारण बताया गया। ठाकुर पर ही बजट स्वीकृति से लेकर साइट मॉनिटरिंग तक की पूरी जिम्मेदारी थी। इससे पहले, कॉर्पोरेशन ने एक अन्य मैनेजर ए.ए. खान को निलंबित किया था। इसके बाद दूसरे दिन बुधवार को विक्रम सिंह ठाकुर को निलंबित कर दिया है।