श्रद्धांजलि सभा या सियासी अखाड़ा? नरसिंहपुर में नकुल नाथ के सामने ही आपस में उलझे कार्यकर्ता
नरसिंहपुर ।
नरसिंहपुर में स्वतंत्रता सेनानी रानी अवंतीबाई लोधी के 168वें बलिदान दिवस पर आयोजित कांग्रेस की श्रद्धांजलि सभा अचानक सियासी अखाड़े में बदल गई। कांग्रेस के पूर्व सांसद व मुख्य अतिथि नकुल नाथ के मंच से उतरते ही कार्यकर्ताओं के दो गुट आमने-सामने आ गए और जमकर हंगामा हुआ। कार्यक्रम में भाषणों का दौर चल रहा था। इसी दौरान समय कम होने पर मंच संचालन कर रहे पदाधिकारियों ने विधानसभा प्रत्याशी लाखन सिंह पटेल को संबोधन समेटने का संकेत दिया। यही इशारा विवाद की चिंगारी बन गया। लाखन सिंह के समर्थकों ने इसे अपमान बताया। उनके दामाद कपिल पटेल ने मंच के सामने ही तीखी आपत्ति जताते हुए कहा कि यह लोधी समाज का कार्यक्रम है और भाषण रोका जाना गलत है।
पहले ठहरी बात, फिर फूटा गुस्सा
कुछ देर के लिए मामला शांत हुआ, लेकिन असंतोष बना रहा। जैसे ही नकुल नाथ अपना उद्बोधन खत्म कर मंच से नीचे उतरे, कपिल पटेल और कार्यक्रम प्रबंधन के बीच फिर तीखी बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते बात गाली-गलौज तक पहुंच गई। इस दौरान पूर्व विधायक सुनील जायसवाल भी विवाद में कूद पड़े, जिससे माहौल और गरमा गया। कार्यक्रम स्थल पर अफरा-तफरी जैसे हालात बन गए।
पुलिस ने लिया मोर्चा, टली बड़ी घटना
स्थिति बिगड़ती देख मौके पर मौजूद पुलिस ने तुरंत हस्तक्षेप किया और दोनों गुटों को अलग किया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संदीप भूरिया के अनुसार, छींटाकशी के चलते विवाद हुआ था, जिसे समय रहते नियंत्रित कर लिया गया।
मंच से सरकार पर भी बरसे नकुल नाथ
इससे पहले अपने संबोधन में नकुल नाथ ने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसान, नौजवान और महिलाएं परेशान हैं। बेरोजगारी और महिला अत्याचार बढ़ रहे हैं। किसानों को समर्थन मूल्य नहीं मिल रहा, वहीं ओलावृष्टि से फसलें बर्बाद हो गई हैं। उन्होंने जल्द सर्वे कराकर मुआवजा देने की मांग की। शिकायत नहीं, लेकिन बढ़ी तल्खी हालांकि, समाचार लिखे जाने तक किसी भी पक्ष ने थाने में शिकायत दर्ज नहीं कराई थी, लेकिन दोनों गुटों के बीच बढ़ी तल्खी ने कार्यक्रम की गरिमा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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