नागपुर। 
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को नागपुर (महाराष्ट्र) के अस्पतालों में भर्ती बच्चों से मुलाकात की है. कफ सिरप पीकर बीमार हुए 4 बच्चे अभी जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे हैं, जो नागपुर के एम्स (Nagpur AIIMS), न्यू हेल्थ सिटी अस्पताल और सरकारी मेडिकल कॉलेज में भर्ती हैं. सीएम ने यहां बच्चों और उनके परिजनों से मिलकर स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली. इस दौरान सीएम ने बच्चों की मौत के लिए दोषियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है.
डॉक्टरों और अधिकारियों को दिए हैं निर्देश
सीएम ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि राज्य सरकार पीड़ित परिजनों के साथ है. अधिकारियों को निर्देश दिए कि लगातार मॉनिटरिंग करते रहें. ईश्वर से सभी के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अस्पताल के डॉक्टरों और प्रशासनिक अधिकारियों से चर्चा कर निर्देश दिए कि सभी बच्चों के उपचार में किसी भी प्रकार की कमी न रहे और हर संभव चिकित्सकीय सुविधा तुरंत उपलब्ध कराई जाए.
तमिलनाडु सरकार उस तरह का नहीं कर रही सहयोग
सीएम मोहन यादव ने तमिलनाडु की स्टालिन सरकार सहयोग न करने का आरोप लगाया. उन्होंने का कहा कि मध्य प्रदेश पुलिस ने चेन्नई से फार्मा कंपनी के मालिक को गिरफ्तार किया है, वहीं पर ही दवाई बनाई जा रही थी. उन्होंने कहा कि हमारी सरकारी किसी को छोड़ने वाली नहीं है.
सीएम ने बताया कि मूल रूप से ट्रीटमेंट के दौरान दी गई दवाई की गलती है, जो मैन्युफैक्चरिंग मिस्टेक है. जैसे मैन्युफैक्चरिंग रिपोर्ट तमिलनाडु से आई, वैसे ही उस दवाई को मध्य प्रदेश में बैन कर दिया.
क्या राहुल गांधी तमिल सरकार के खिलाफ जा सकते हैं?- सीएम
सीएम ने कहा, "मैं कांग्रेस के मित्रों से कहना चाहता हूं जो इस पर बात कर रहे हैं, वो जाएं तमिलनाडु और धरना दें कि ये दवाई कैसे बनी. उन्होंने ड्रग लाइसेंस कैसे दिया. एक बार उसको लाइसेंस दिया था तो उसको दोबारा कैसे लाइसेंस रिन्यू कर दिया. राहुल गांधी भी आना चाहें तो जाकर देखें कि तमिलनाडु में वहां की सरकार के खिलाफ जाएं. हम तो उससे प्रभावित पक्ष हैं. दवाई से हमारे बच्चों की जान गई है. हम अपनी ठोस कार्रवाई कर रहे हैं और किसी भी हालत में हम किसी को छोड़ने वाले नहीं हैं."