मुरैना। 
 चंबल जहां कई वर्षों से बंदूकें लोगों के लिए सिर्फ हथियार नहीं, बल्कि शान और पहचान रही हैं. आज इसी चंबल में बंदूकें शान से ज्यादा प्रशासन की सख्ती का सबब बन गई हैं. मुरैना कलेक्टर अंकित अस्थाना की ऐतिहासिक व अभूतपूर्व कार्रवाई ने अपराधियों की नींदें उड़ा दी हैं. कलेक्टर ने एसपी समीर सौरभ के प्रतिवेदन पर एक साथ 282 हथियारों के लाइसेंस सस्पेंड कर दिए हैं. यह पहली बार है जब मुरैना जिले में एक साथ इतने शस्त्र लाइसेंस निरस्त किए गए हैं. इस कार्रवाई से अपराधियों में हड़कंप मच गया है.
अपराधियों में कलेक्टर का खौफ
चंबल अंचल में बढ़ते अपराध और गोलीबारी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा तमाम प्रयास किए जा रहे हैं. मुरैना एसपी समीर सौरभ ने जिले के सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए थे कि पिछले 10 सालों के आपराधिक रिकॉर्ड वाले शस्त्र धारकों को चिन्हित करें और अपराधियों के पास मौजूद हथियारों की पूरी सूची तैयार की जाए. निर्देश के अनुसार, थाना प्रभारियों ने अपने-अपने थाना क्षेत्र में दर्ज आपराधिक रिकॉर्ड वाले शस्त्र धारकों की सूची तैयार कर वरिष्ठ कार्यालय को भेज दी थी.
282 शस्त्रों के लाइसेंस निलंबित
पूरे लिस्ट की जब जांच हुई तो चौंकाने वाला सच सामने आया. जिले में 411 ऐसे लाइसेंसी हथियार धारी सामने आए जिनका आपराधिक रिकॉर्ड है. एसपी समीर सौरभ ने इस रिपोर्ट को कलेक्टर अंकित अस्थाना के पास भेजा. इसके बाद हुई कार्रवाई ने अपराधियों की नींदें उड़ा दी हैं. कलेक्टर अंकित अस्थाना ने 282 लोगों के लाइसेंस एक साथ निलंबित कर दिए. साथ ही आदेश दिया कि इन हथियारों को तुरंत थानों में जमा कराया जाए.