खरगोन। 
जिले के महेश्वर निवासी मोनालिसा व फरमान के केरल में गत दिनों हुए विवाह के मामले में अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने गंभीर रुख अपनाया है। मोनालिसा के नाबालिग होने सहित दबाव व धोखाधड़ी की शिकायत पर आयोग ने मामले का संज्ञान लेते हुए एसपी को नोटिस जारी कर 7 दिनों के भीतर एक्शन टेकन रिपोर्ट (एटीआर) प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। जानकारी अनुसार गत 27 मार्च को आयोग को एक शिकायत प्राप्त हुई, जिसमें बताया गया कि महेश्वर निवासी मोनालिसा का वीडियो महाकुंभ मेला 2025 के दौरान रुद्राक्ष बेचते हुए इंटरनेट मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो में उसने स्वयं अपनी उम्र करीब 16 वर्ष बताई थी।
दस्तावेजों में फर्जीवाड़े की आशंका, आयोग ने दिए जांच के कड़े निर्देश
आरोप है कि इसके बावजूद उसका विवाह केरल में कर दिया गया। शिकायत में आशंका जताई गई है कि लड़की के उम्र संबंधी दस्तावेजों में गड़बड़ी या फर्जीवाड़ा हो सकता है। साथ ही विवाह में दबाव, धोखाधड़ी या पहचान छिपाने जैसी स्थिति की भी आशंका जताई गई है। आयोग ने माना कि प्रथम दृष्टया यह मामला मानवाधिकारों के उल्लंघन से जुड़ा प्रतीत होता है। आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस पर संज्ञान लेते हुए खरगोन एसपी को विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं।
पॉक्सो एक्ट और पुनर्वास की मांग, समन्वय स्थापित करने के निर्देश
शिकायतकर्ता ने मांग की है कि यदि जांच में लड़की नाबालिग पाई जाती है, तो पाक्सो एक्ट और बाल विवाह निषेध अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही पीड़िता की सुरक्षा, काउंसलिंग और पुनर्वास सुनिश्चित करने की भी मांग की गई है। आयोग ने यह भी निर्देश दिए हैं कि मामले की रिपोर्ट ईमेल के माध्यम से भी भेजी जाए और संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित किया जाए।
तथ्यों के आधार पर होगी कार्रवाई
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का नोटिस प्राप्त होने की पुष्टि करते हुए खरगोन एसपी डॉ. रविंद्र वर्मा ने कहा कि नोटिस प्राप्त हुआ है और किसी ने आयोग में शिकायत की है। उन्होंने बताया कि नोटिस के आधार पर जांच की जा रही है और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जाएगी।