कटनी। 
विजयराघवगढ़ के कद्दावर भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री संजय पाठक ने अडानी समूह की एसीसी (ACC) सीमेंट फैक्ट्री के प्रबंधन के खिलाफ खुला मोर्चा खोल दिया है। मामला कैमोर क्षेत्र के हजारों स्थानीय वेंडर्स और मजदूरों की रोजी-रोटी से जुड़ा है। हाल ही में अडानी समूह के प्रबंधन वाली एसीसी फैक्ट्री ने सालों से चले आ रहे 'वेंडर सिस्टम' को खत्म करने का निर्णय लिया है। विधायक संजय पाठक का आरोप है कि प्रबंधन छोटे-छोटे वेंडर्स का काम छीनकर केवल 2-3 बड़े ठेकेदारों को सारा जिम्मा सौंपना चाहता है। इससे क्षेत्र के हजारों गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार, जो एक-दो मजदूरों के साथ छोटा काम कर जीवन यापन कर रहे थे, बेरोजगार हो जाएंगे। स्थानीय लोगों को आत्मनिर्भर बनाने के बजाय उन्हें बड़े ठेकेदारों का गुलाम बनाया जा रहा है।
"मैनेजमेंट को कोई घाटा नहीं, फिर ये प्रहार क्यों?"
सोशल मीडिया पर जारी अपने संदेश में विधायक ने प्रबंधन को चेतावनी और आग्रह के मिले-जुले लहजे में कहा कि "एक विधायक और एक व्यापारी होने के नाते मैं कह सकता हूँ कि वर्तमान वेंडर सिस्टम से कंपनी को कोई वित्तीय नुकसान नहीं है। फिर सैकड़ों परिवारों का निवाला क्यों छीना जा रहा है? मैं हर हाल में अपने वेंडर्स के साथ खड़ा हूँ।"
क्यों अहम है यह विरोध?
संजय पाठक खुद सत्ता पक्ष के विधायक हैं और एक बड़े बिजनेस घराने से आते हैं। उनका देश के सबसे शक्तिशाली व्यापारिक समूह (अडानी) के प्रबंधन के खिलाफ इस तरह मुखर होना एक 'साहसिक कदम' माना जा रहा है। स्थानीय लोगों में डर है कि आज वेंडर बदले जा रहे हैं, कल को बाहर के लोगों को लाकर स्थानीय युवाओं के रोजगार के अवसर पूरी तरह खत्म कर दिए जाएंगे।