झांसी। 
मध्यप्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के साथ रविवार को झांसी रेलवे स्टेशन पर एक गंभीर घटना होते-होते बच गई। ट्रेन संचालन में गड़बड़ी के कारण उन्हें चलती हुई ट्रेन में चढ़ना पड़ा। इस घटना के बाद उन्होंने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर अपनी नाराजगी जताई है। उमा भारती ने अपने पत्र में बताया कि वे ट्रेन के निर्धारित समय से पहले ही झांसी स्टेशन पहुंच गई थीं, लेकिन ट्रेन निर्धारित समय से पहले ही आकर रवाना हो गई। उन्होंने स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज की जांच कराने की मांग की है, ताकि पूरी स्थिति स्पष्ट हो सके। उन्होंने बताया कि उन्हें प्लेटफॉर्म नंबर 1 से 4 तक बैटरी कार से ले जाया जा रहा था। इसी दौरान जिस ट्रैक को पार करना था, वहां एक ट्रेन लंबे समय तक गुजरती रही, जिससे उन्हें रुकना पड़ा। आगे बढ़ने पर ट्रैक पर एक हाथ ठेला फंसा मिला, जिसे हटाने में उनके सुरक्षाकर्मियों ने मदद की। जब वे प्लेटफॉर्म नंबर 4 पर पहुंचीं, तब तक उनकी ट्रेन पंजाब मेल चल चुकी थी। बाद में किसी ने चेन खींची, जिससे ट्रेन रुकी और उन्हें उसमें चढ़ाया गया।
खुद को नहीं, व्यवस्था को ठहराया जिम्मेदार
उमा भारती ने साफ कहा कि इस पूरे घटनाक्रम में न तो स्थानीय रेलवे अधिकारियों की गलती है और न ही उनकी। उन्होंने कहा कि यह समस्या रेलवे संचालन की समग्र व्यवस्था से जुड़ी है, जहां आधुनिक सुविधाएं तो बनाई जा रही हैं, लेकिन उनमें व्यावहारिक संवेदनशीलता की कमी है। उन्होंने अपने पत्र में लिखा कि ऐसी अव्यवस्थाओं का सबसे ज्यादा असर आम यात्रियों, बुजुर्गों, दिव्यांगजनों, महिलाओं और बच्चों के साथ यात्रा करने वालों पर पड़ता है, जो इस तरह की भागदौड़ में अक्सर परेशान होते हैं। उमा भारती ने रेल मंत्री से आग्रह किया कि वे मथुरा और झांसी में हुई घटनाओं पर ध्यान दें और रेलवे व्यवस्था में जरूरी सुधार करें, ताकि यात्रियों को भविष्य में ऐसी परेशानियों का सामना न करना पड़े।