भोपाल। 
भोपाल-इंदौर स्टेट हाईवे पर विक्रमादित्य द्वार बनेगा। शनिवार को सीएम डॉ. मोहन यादव ने द्वार का भूमिपूजन किया। ये द्वार ठीक उज्जैन के विक्रमादित्य द्वार जैसा ही बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फंदा का नाम हरिहर नगर करने की घोषणा की। साथ ही नसीहत दी कि मृत्यु भोज और शादी में पैसा फालतू मत उड़ाना।मैं खुद बेटे की शादी सामूहिक विवाह सम्मेलन में की। पीएम नरेंद्र मोदी कहते हैं कि सबका साथ-सबका विकास। ये बोलने से नहीं होगा, करके दिखाना होगा। बता दें कि सीएम डॉ. मोहन यादव के बेटे अभिमन्यु और डॉ. इशिता की शादी की रस्में 30 नवंबर को उज्जैन के सांवराखेड़ी में हुए सामूहिक सम्मेलन में हुई थी। वरमाला के दौरान बाबा रामदेव ने मंत्र पढ़े। सभी रस्मों के बाद सीएम वर-वधू से मिले और उन्हें आशीर्वाद दिया। दूसरी ओर, दो दिन पहले ही इंदौर से विधायक गोलू शुक्ला के बेटे की शादी शाही ठांठ-बांट के साथ हुई है।
इधर, शनिवार को भोपाल के फंदा में मुख्यमंत्री ने कहा, यदि परिवार में किसी की मृत्यु हो जाए तो बड़ा खर्च मत करना। फालतू कर्जा होता है। बड़ा आदमी करता है तो गरीब जमीन गिरवी रखकर या कर्ज ले लेता है। इसलिए अपनी जमीन बचाकर रखना। ये बुजुर्गों की सौगात है।
शादी में भी फालतू पैसा मत उड़ाना। अपने बच्चों की शादी सामूहिक विवाह सम्मेलन में करें। यहां भोपाल के प्रभारी मंत्री चैतन्य काश्यप भी बैठे हैं। वे हजार करोड़ से ऊपर के आदमी हैं, लेकिन वे बच्चों की शादी भी 50-100 लोगों के बीच करते हैं। मैंने भी अपने बेटे की शादी सामूहिक विवाह सम्मेलन में की। बेटा-बेटी (बहू) दोनों ही डॉक्टर हैं। जिस सम्मेलन में शादी की, वहां गरीब का बेटा-बेटी भी थे। हर वर्ग के बच्चे थे। ये सब बोलने से नहीं होगा, हमें करके दिखाना होगा।
दिखावे से बचे, शिक्षा पर खर्च करें
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दिखावे से बचें और संकल्प करें कि पैसा बच्चों को पढ़ाने-लिखाने में खर्च करेंगे। गरीब पर भी खर्च करना। अनावश्यक खर्च करने से बचें। मेट्रोपॉलिटन पर कहा कि सीहोर, विदिशा, रायसेन, भोपाल और नर्मदापुरम मिलाकर मेट्रोपॉलिटन सिटी बना रहे हैं। इंदौर के आसपास धार, उज्जैन, देवास, शाजापुर को मिलाते हुए दो महानगर बनेंगे। इसके लिए प्लान बना रहे हैं।
कांग्रेसी हर चीज में राजनीति करते हैं, शर्म आना चाहिए
भोपाल-इंदौर स्टेट हाईवे स्थित शासकीय महाराणा प्रताप स्कूल परिसर फंदा में हुए कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में हर महीने माता-बहनों को डेढ़ हजार रुपए देकर रक्षाबंधन का पर्व मनाया जा रहा है। ये कांग्रेसियों को हजम नहीं होता। हर चीज में राजनीति देखते हैं। वे कहते हैं कि पैसा मत दो। ये शराब पी जाती हैं। अरे, शर्म आनी चाहिए कांग्रेसियों। माता-बहनें तो गंगाजल की तरह पवित्र होती हैं। हम देश, पृथ्वी को माता मानते हैं। ये हमारी संस्कृति है। हम किसी भी धर्म में अंतर नहीं किया। इसलिए लाड़ली बहनों को राशि दी, लेकिन ये कांग्रेसी छोटी सोच रखते हैं। कोई बात नहीं बहनों। आने दो चुनाव। ऐसा बटन दबाना कि कांग्रेसियों के होश ठिकाने आ जाएं। मुख्यमंत्री ने सम्राट विक्रमादित्य, राजा भोज, भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण को लेकर भी बात कही। सम्राट विक्रमादित्य और राजा भोज के इतिहास के बारे में बताया। सम्मान में उन्होंने सभी से मोबाइल की टॉर्च भी जलवाई।