इंदौर। 
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के घर के बाहर प्रदर्शन करने वालों पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल भेज दिया। पुलिस की पूछताछ में उन्होंने अपनी गलती भी मानी। साथ ही ये बात भी सामने आई है कि इन्होंने टंट्याभील चौराहे पर चल रहे स्टूडेंट्स के प्रदर्शन में भी मंत्री के यहां प्रदर्शन में चलने की अपील की थी।बुधवार दोपहर को मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के घर के बाहर प्रहलाद पाण्डेय और उनकी पत्नी संगीता प्रदर्शन करने पहुंचे थे। हाथों में संविधान लेकर वे यहां पहुंचे। हालांकि उनके प्रदर्शन की जानकारी पुलिस को एक घंटे पहले मिली। जिसके बाद पुलिस तुरंत एक्शन में आई और उनके घर के बाहर सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ा दिया।
दोनों ही पहुंचे, कोई साथ नहीं आया
इधर, परदेशीपुरा पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि दोनों दंपती ही यहां प्रदर्शन करने आए। उन्होंने कुछ लोगों से मंत्री के घर के बाहर प्रदर्शन में शामिल होने की अपील भी की थी। सोशल मीडिया पर मैसेज भी चलाए थे, इसके अलावा पुलिस पूछताछ में ये बात भी सामने आई कि इन्होंने टंट्याभील चौराहे पर चल रहे स्टूडेंट्स के धरना प्रदर्शन में भी उनके साथ मंत्री के घर के बाहर प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की थी। मगर उनका साथ देने कोई भी नहीं आया।
1 घंटे पहले मिली जानकारी
इधर, मंत्री के घर के बाहर प्रदर्शन की जानकारी पुलिस को करीब एक घंटे पहले सोशल मीडिया से मिली। जिसके बाद पुलिस ने सारी तैयारी की। जब दोनों दंपति यहां पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें रोका और समझाया भी, लेकिन वे नहीं माने। प्रहलाद पाण्डेय के रोड पर बैठने के बाद पुलिस ने उन्हें उठाया और पुलिस की गाड़ी में बैठा दिया। उनकी पत्नी को भी पुलिस की गाड़ी में बैठाया और थाने ले जाकर पूछताछ की।