'कांग्रेस दफ्तर गया तो जीतू पटवारी की कुर्सी चली जाएगी', कैलाश विजयवर्गीय का बड़ा तंज; दिग्विजय सिंह की तारीफ
इंदौर।
मध्य प्रदेश सरकार के दिग्गज मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी पर अपने चिर-परिचित मजाकिया और विश्लेषणात्मक अंदाज में करारा तंज कसा है। जीतू पटवारी के भाई नाना पटवारी से जुड़े हालिया विवाद पर सीधे बोलने से बचते हुए विजयवर्गीय ने पूरी महफिल लूट ली। विजयवर्गीय ने कहा कि वे 'पेड़ लगाओ, पानी बचाओ' अभियान का निमंत्रण देने खुद कांग्रेस दफ्तर जाने वाले थे, लेकिन फिर उन्होंने अपना इरादा बदल दिया।
'गए तो चली जाएगी जीतू पटवारी की कुर्सी'
कैलाश विजयवर्गीय ने मुस्कुराते हुए पुराना राजनीतिक इतिहास याद दिलाया। उन्होंने कहा कि पिछली बार जब वे कांग्रेस कार्यालय निमंत्रण देने गए थे, उसके ठीक बाद सुरजीत सिंह चड्ढा का प्रदेश अध्यक्ष पद चला गया था। ऐसे में वे नहीं चाहते कि इस बार उनके कदम रखने से भाई जीतू पटवारी की कुर्सी के साथ कोई अनहोनी हो जाए। इसलिए वे खुद जाने के बजाय अब पत्र लिखेंगे।
80 की उम्र में दिग्विजय के जज्बे के कायल हुए कैलाश
इसी दौरान विजयवर्गीय ने कांग्रेस के चाणक्य कहे जाने वाले वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि 80 वर्ष की उम्र में भी दिग्विजय सिंह जिस ऊर्जा के साथ अयोध्या के लिए पदयात्रा कर रहे हैं, वह काबिले-तारीफ है। उन्होंने उन्हें एक 'ब्रिलियंट और इंटेलिजेंट' नेता बताया।
सोशल मीडिया और रील वाले नेताओं को कोसा
कैलाश विजयवर्गीय ने इशारों-इशारों में अपनी ही पार्टी और विपक्ष के युवा नेताओं पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आज के समय में कई नेता हवाई जहाज, कार या साइकिल पर बैठकर केवल सोशल मीडिया रील बनाने में व्यस्त रहते हैं। जबकि जमीन पर काम करने का असली हुनर दिग्विजय सिंह जैसे जमीनी नेताओं के पास ही है। आरएसएस को यात्रा में बुलाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि संघ इस पर फैसला लेने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र है।

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