इंदौर ।
 भोपाल के 90 डिग्री ब्रिज विवाद के बाद अब इंदौर का रेती मंडी ब्रिज सुर्खियों में आ गया है..  25 करोड़ की लागत से बन रहे इस ब्रिज में बड़ी लापरवाही सामने आई है.. आरोप है कि इंजीनियर ब्रिज के दो पिलर बनाना ही भूल गए.. मामला सामने आते ही सियासत भी गरमा गई है.. कांग्रेस इसे भ्रष्टाचार बता रही है.. दरअसल पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा रेती मंडी ब्रिज का निर्माण कराया जा रहा है..  निर्माण के अंतिम चरण में जब दोनों ओर की ब्रिज वॉल को जोड़ने का काम शुरू हुआ, तब पता चला कि यहां दो अतिरिक्त पिलर की जरुरुत है..
कांग्रेस नेता सज्जन सिंह वर्मा ने  भ्रष्टाचार का उदाहरण बताया
कांग्रेस नेता सज्जन सिंह वर्मा  ने इसे भ्रष्टाचार का उदाहरण बताते हुए कहा कि पहले राऊ विधानसभा क्षेत्र में सड़क धंसने का मामला सामने आया और अब ब्रिज निर्माण में भारी गड़बड़ी उजागर हो रही है।
विधायक मधू वर्मा ने भी लापरवाही पर बोली जांच की बात
वहीं  कांग्रेस ने मामले में जांच की मांग की तो  भाजपा नेता और विधायक  मधू वर्मा ने भी इसे गंभीर माना है...उन्होंने कहा है कि  अधिकारियों से चर्चा की गई है, जिसकी भी लापरवाही सामने आएगी, उस पर  कार्रवाई की जाएगी..
मामला सामने आने के बाद अब ब्रिज निर्माण पर सवाल खड़े हो रहे हैं..  स्थानीय लोगों का कहना है कि करोड़ों की लागत से बनने वाले प्रोजेक्ट में इस तरह की लापरवाही जनता की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है.. फिलहाल रेती मंडी ब्रिज का मामला अब तकनीकी गलती से आगे बढ़कर सियासी मुद्दा बन चुका है… सवाल यही है कि करोड़ों की परियोजना में इतनी बड़ी चूक आखिर कैसे हुई और इसका जिम्मेदार कौन है….फिलहाल अब दो नए पिलर बनाने का काम शुरू किया गया है, जिसके चलते ब्रिज शुरू होने में और देरी हो सकती है।