"खाकी के भेष में डकैती?": इंदौर में व्यवसायी के घर घुसकर 22 तोला सोना पार करने वाले SI समेत 5 पुलिसकर्मी सस्पेंड
इंदौर।
मध्य प्रदेश के इंदौर में एक बार फिर पुलिस विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। शहर के लसूड़िया थाना क्षेत्र में पदस्थ एक एसआई समेत कुल पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। इन पर आरोप है कि इन्होंने एक रिटायर्ड एसीपी के प्रॉपर्टी विवाद को सुलझाने के नाम पर एक व्यवसायी के घर में अवैध तरीके से घुसकर न केवल मारपीट की, बल्कि घर में रखा करीब 22 तोला सोना भी गायब कर दिया।
कारोबारी ने पुलिसकर्मियों पर लगाए गंभीर आरोप
मामले में पीड़ित व्यवसायी गौरव जैन ने पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। गौरव के मुताबिक पुलिसकर्मियों ने घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे बंद कर दिए और मास्टर चाबी की मदद से मुख्य दरवाजा खोलकर अंदर प्रवेश किया। इसके बाद घर में रखे 22 तोला सोना गायब कर दिया गया।
एक अप्रैल से हुई घटना की शुरुआत
घटना की शुरुआत 1 अप्रैल से बताई जा रही है। आरोप है कि लसूड़िया थाने में पदस्थ एसआई संजय विश्नोई के साथ रणवीर कुशवाह, प्रणीत भदौरिया, दिनेश गुर्जर और दीपेंद्र मिश्रा ने मिलकर इस पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया। गौरव जैन का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उनके साथ मारपीट भी की और उन्हें अवैध रूप से हिरासत में लेकर ग्वालियर तक ले गए। वहां एक निजी गेस्ट हाउस में उन्हें रिटायर्ड एसीपी से जुड़े लोगों के हवाले कर दिया ग,या जहां उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया।
पैसे वसूलने के आरोप
इतना ही नहीं पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि एक पुलिसकर्मी ने उनसे जबरन पैसे भी वसूले। गौरव के अनुसार कुल 27 हजार रुपये उनसे लिए गए, जिसमें 10 हजार रुपए होटल में क्यूआर कोड के माध्यम से जमा करवाए गए जबकि 17 हजार रुपये उनके बेटे के खाते में ट्रांसफर करवाए गए।
एक साल से शिकायत फिर भी कार्रवाई नहीं
व्यवसायी का कहना है कि वह पिछले करीब एक साल से इस मामले की शिकायत वरिष्ठ अधिकारियों से कर रहे थे लेकिन उनकी शिकायतों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। आखिरकार 16 अप्रैल को उन्होंने पूरे मामले से जुड़ी रिकॉर्डिंग और सबूतों के साथ इंदौर पुलिस कमिश्नर और डीसीपी को शिकायत सौंपी। इसके बाद मामला गंभीरता से लिया गया और जांच शुरू की गई।
एसीपी स्तर के अधिकारी को सौंपी गई जांच
मामले की जांच एसीपी स्तर के अधिकारी को सौंपी गई है। इसके साथ ही अमरेंद्र सिंह ने कहा कि पुलिस के पास संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कुछ लंबित प्रकरण और वारंट की जानकारी थी, जिसके आधार पर कार्रवाई की गई थी। पुलिस अधिकारियों का यह भी कहना है कि जिस व्यक्ति को पकड़ने के लिए टीम गई थी। उसका आपराधिक रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में है और उसके पुराने मामलों की जानकारी जुटाई जा रही है।

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