'भाड़ में जाए कांग्रेस!'... इंदौर की पार्षद रुबीना खान का अपनी ही पार्टी पर बड़ा हमला; 'वंदे मातरम्' विवाद के बाद अब निष्कासन की तैयारी!
इंदौर।
इंदौर नगर निगम में 'वंदे मातरम्' को लेकर शुरू हुआ विवाद अब एक ऐसे मोड़ पर आ गया है जहाँ मर्यादा की सारी दीवारें ढह गई हैं। कांग्रेस पार्षद रुबीना इकबाल खान ने न सिर्फ वंदे मातरम् गाने से इनकार किया, बल्कि अपनी ही पार्टी को सरेआम "भाड़ में जाए कांग्रेस" कहकर ठेंगा दिखा दिया है। इस बयान के बाद इंदौर शहर कांग्रेस अध्यक्ष ने उनके निष्कासन का प्रस्ताव भोपाल भेज दिया है।
"किसी के बाप की नहीं सुनते...": विवाद की पूरी कहानी
विवाद तब शुरू हुआ जब परिषद की बैठक में पार्षद फौजिया शेख अलीम ने वंदे मातरम् गाने से साफ मना कर दिया। जब बीजेपी पार्षदों ने विरोध किया, तो रुबीना खान उनके समर्थन में उतरीं और सदन के भीतर मर्यादा लांघते हुए चुनौती दे डाली। उन्होंने कहा— "एक बाप की औलाद हो तो बुलवाकर दिखाओ।"
धर्म और मिट्टी पर विवादित दलील
मीडिया से बात करते हुए रुबीना खान ने 'मिट्टी' और 'वजूद' को लेकर एक ऐसा तर्क दिया जिससे विवाद और गहरा गया है। उन्होंने कहा:"वंदे का मतलब इबादत है और हम अल्लाह के सिवा किसी की इबादत नहीं करते। इस मिट्टी पर हमारा हक ज़्यादा है क्योंकि हमें इसी मिट्टी में दफनाया जाता है, हमारे अवशेष यहीं मिलेंगे। हिंदुओं को तो गंगा में बहा दिया जाता है जो अरब सागर में जाकर मिल जाते हैं।"
पार्टी के खिलाफ बगावत: "मैं निर्दलीय जीतती हूँ"
जब रुबीना से पूछा गया कि क्या उन्हें पार्टी (कांग्रेस) के एक्शन का डर नहीं है? तो उन्होंने बेहद तल्ख अंदाज़ में कहा— "पार्टी मेरा साथ नहीं देती। मैं अपने दम पर चुनाव जीतती हूँ, कांग्रेस भाड़ में जाए, मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता।"

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