इंदौर।
मध्य प्रदेश के इंदौर जिले के बंगाली चौराहे क्षेत्र में हुए भीषण अग्निकांड को लेकर अब नया मोड़ सामने आया है। इस हादसे में बाल-बाल बचे मनोज पुगलिया के बड़े बेटे सौरभ पुगलिया ने कहा कि जिस इलेक्ट्रिक कार को लेकर तरह-तरह की बातें हो रही हैं वह घटना वाली रात चार्जिंग पर लगी ही नहीं थी। बता दें कि अग्निकांड में 8 लोगों की मौत हो गई थी जबकि 4 लोग गंभीर रुप से घायल हैं।
हादसे से समय चार्च पर नहीं लगी थी कार
सौरभ के अनुसार, हादसे के समय ईवी कार का चार्जर कनेक्ट तक नहीं था। उन्होंने कहा कि लोग बिना पूरी जानकारी के अफवाह फैला रहे हैं कि इलेक्ट्रिक कार में आग लगी, जबकि ऐसा कुछ भी नहीं है। उनका कहना है कि अगर चार्जर जुड़ा ही नहीं था तो शॉर्ट सर्किट या आग लगने का सवाल ही नहीं उठता। सौरभ ने यह भी बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में साफ दिख रहा है कि पहले बिजली के खंभे पर धमाका हुआ और वहीं से आग नीचे की ओर फैली।
पुलिस की कार्यशैली पर खड़े हुए सवाल
सौरभ ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए। सौरभ ने कहा कि ऐसी स्थिति में सबसे पहले इलाके की बिजली सप्लाई बंद करवाई जानी चाहिए थी और साथ ही अवंतिका गैस लाइन को भी तुरंत बंद कराना चाहिए था। लेकिन ऐसा नहीं किया गया और सीधे पानी डालना शुरू कर दिया गया। उन्होंने आशंका जताई कि हो सकता है पानी के कारण करंट फैल गया हो और इससे भी लोगों की जान गई हो क्योंकि घर के अंदर काफी मात्रा में पानी भर गया था।
खुद बंद कराई थी गैस लाइन
सौरभ पुगलिया ने बताया कि बाद में उन्होंने खुद अधिकारियों से कहकर गैस लाइन बंद करवाई क्योंकि अगर गैस लाइन में आग लग जाती तो पूरी कॉलोनी खतरे में आ सकती थी। उन्होंने कहा की हादसे के लिए इलेक्ट्रिक वाहन जिम्मेदार नहीं है। परिवार रोजाना गाड़ी चार्ज करता है लेकिन उस दिन संयोग से चार्ज नहीं लगाया गया था।
हादसे में 8 लोगों की मौत
इस दर्दनाक हादसे में मनोज पुगलिया, उनकी बहू सिमरन, साले विजय, साले की पत्नी सुमन, बेटी रुचिका और नाती-नातिन कार्तिक, राशि और तनय सहित कुल 8 लोगों की मौत हो गई। वहीं मनोज की पत्नी सुनीता और उनके दोनों बेटे सौरभ व बाबू किसी तरह अपनी जान बचाकर बाहर निकलने में सफल रहे।