संस्कारों वाली पार्टी के नेता भूल गए भगीरथपुरा त्रासदी... "जनता के आंसू नहीं सूखे और भाजपा नेताओं के ठुमके शुरू" !
इंदौर ।
इंदौर में भाजपा के प्रशिक्षण शिविर का समापन एक अलग ही अंदाज में हुआ। जहां एक तरफ कार्यक्रम में पूरे समय अनुशासन और राजनीतिक चर्चा का माहौल रहा, वहीं आखिर में माहौल अचानक बदल गया और समापन फिल्मी गानों पर डांस के साथ हुआ। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा और एमआईसी सदस्य मनीष शर्मा फिल्मी गानों पर डांस करते नजर आ रहे हैं। वहीं विधायक गोलू शुक्ला भी दिखाई दे रहे हैं, जो डांस के दौरान पैसे न्योछावर कर रहे हैं। खास बात यह है कि यह वीडियो खुद मनीष शर्मा ने अपने सोशल मीडिया ग्रुप पर शेयर किया।
प्रशिक्षण शिविर के समापन के बाद ‘डांस नाइट’
जानकारी के अनुसार 15 और 16 मार्च को बीजेपी ने “पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान-2026” के तहत मंडल प्रशिक्षण वर्ग आयोजित किया था। यह कार्यक्रम इंदौर के मिष्टी गार्डन में हुआ। इस दौरान कार्यकर्ताओं को संगठन की मजबूती, पार्टी की विचारधारा और राष्ट्र सेवा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया। पूरे कार्यक्रम में अनुशासन और गंभीरता का माहौल बना रहा। हालांकि, शिविर खत्म होते ही माहौल पूरी तरह बदल गया। कार्यक्रम के अंत में माहौल हल्का-फुल्का हो गया और सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान नेताओं ने फिल्मी गानों पर डांस करना शुरू कर दिया।
नगर अध्यक्ष बोले- समापन पर सांस्कृतिक कार्यक्रम रखा
नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने वायरल वीडियो को लेकर कहा कि प्रशिक्षण शिविर के समापन पर सांस्कृतिक कार्यक्रम रखा गया था, जिसमें कार्यकर्ताओं और नेताओं ने हिस्सा लिया। फिलहाल यह वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग इस पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
कांग्रेस बोली-जनता के आंसू नहीं सूखे और सत्ता के ठुमके शुरू
कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता अमित चौरसिया ने कहा कि जो तस्वीरें सामने आईं, वो किसी जिम्मेदार राजनीतिक दल की नहीं, बल्कि जश्न में डूबे एक समूह की लगती हैं। एक तरफ भागीरथपुरा की दर्दनाक घटना, जिसमें 35 से अधिक नागरिकों की जान चली गई। शहर अब भी उस सदमे से उबर नहीं पाया है। दूसरी तरफ पुगलिया परिवार पर टूटा कहर, जहां एक ही परिवार में 8 लोगों की मौत हो गई। सबसे विडंबनापूर्ण बात यह है कि ये सब उसी दिन हुआ, जिस दिन भाजपा के प्रशिक्षण शिविर का समापन था। लेकिन भाजपा के नेता क्या कर रहे थे? फिल्मी गानों पर डांस। उसे “सांस्कृतिक कार्यक्रम” का नाम दिया जा रहा है।
क्या यही है भाजपा का प्रशिक्षण है? जहां जनता का दुःख ‘ब्रेक’ ले लेता है और सत्ता का मनोरंजन ‘मुख्य कार्यक्रम’ बन जाता है? जब शहर शोक में डूबा हो, तब जनप्रतिनिधियों का यह व्यवहार साफ दिखाता है कि भाजपा संगठन और उसके नेता जनता के दर्द से कितने दूर हो चुके हैं। संवेदनाएं अब भाषणों तक सीमित हैं और जमीनी हकीकत में सिर्फ जश्न और दिखावा बचा है।

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