इंदौर। 
देश के सबसे स्वच्छ शहरों में शुमार इंदौर कई वजहों से सुर्खियों में है। इंदौर के एक शासकीय अतिथि गृह रेसीडेंसी कोठी में गंदगी को लेकर राज्यपाल के ओएसडी ने आपत्ति जताई है। यह गंदगी तब पसरी थी, जब रात में राज्यपाल को वही ठहरना था। राज्यपाल के ओएसडी की शिकायत के बाद कलेक्टर ने उस एजेंसी का ठेका रद्द कर दिया, जिसके पास रेसीडेंसी कोठी की देखभाल का जिम्मा था।
छह सरकारी अधिकारियों को नोटिस
वहीं, अधिकारियों ने बताया कि देश के सबसे स्वच्छ शहर के अतिथि गृह की कथित अव्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन ने छह सरकारी अधिकारियों को नोटिस जारी करके जवाब भी तलब किया है। अधिकारियों के मुताबिक राज्यपाल ने शहर की ‘रेसीडेंसी कोठी’ में 16 फरवरी को रात्रि विश्राम किया था। ‘रेसीडेंसी कोठी’ शहर की प्रमुख ऐतिहासिक इमारतों में से एक है। विशिष्ट और अति विशिष्ट हस्तियों को अक्सर यहीं ठहराया जाता है।
गंदे चादर को नहीं बदला
इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा ने आधिकारिक बयान में कहा कि यह तथ्य सामने आया है कि राज्यपाल के विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी (ओएसडी) द्वारा रेसीडेंसी कोठी के एक कमरे की चादर बदलने का अनुरोध किए जाने के बावजूद संबंधित सेवा प्रदाता ‘रतन एम्पोरियम’ के कर्मचारियों ने यह काम नहीं किया। उन्होंने बताया कि राज्यपाल के ओएसडी और एडीसी (निजी सहायक या सचिव) द्वारा ‘रेसीडेंसी कोठी’ के रसोईघर के निरीक्षण के दौरान स्वच्छता की स्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई।
कॉकरोच की जानकारी है भ्रामक
अधिकारियों ने कहा कि ‘रेसीडेंसी कोठी’ में पकाई गई खाद्य सामग्री में कॉकरोच पाए जाने को लेकर सोशल मीडिया पर सामने आईं बातें ‘पूर्णतः असत्य एवं भ्रामक’ हैं। उन्होंने कहा कि राज्यपाल के स्टाफ ने रेसीडेंसी कोठी में सिर्फ सफाई को लेकर असंतोष व्यक्त किया था।
रतन एम्पोरियम को ठेका रद्द करने का नोटिस
अधिकारियों ने बताया कि साफ-सफाई की इस लापरवाही के कारण जिलाधिकारी वर्मा के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग ने निजी एजेंसी ‘रतन एम्पोरियम’ को सेवा समाप्ति का नोटिस जारी किया है। इस एजेंसी के पास ‘रेसीडेंसी कोठी’ की रसोई और देखरेख का ठेका है। उन्होंने बताया कि इस एजेंसी की सेवाएं उत्तम स्थिति में नहीं होने के कारण उसकी बकाया भुगतान राशि में 20 से 30 प्रतिशत की कटौती भी जाएगी।
इन अधिकारियों को मिला नोटिस
अधिकारियों ने बताया कि ‘रेसीडेंसी कोठी’ की कथित अव्यवस्थाओं को लेकर जिला प्रशासन ने डिप्टी कलेक्टर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और सिविल सर्जन समेत छह अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उन्होंने बताया कि विशिष्ट और अतिविशिष्ट हस्तियों के प्रोटोकॉल के दायित्वों को लेकर सभी संबंधित अधिकारियों के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की गई है और उन्हें इसके पालन का निर्देश दिया गया है।