भोपाल। 
मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन सदन के भीतर और बाहर इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। प्रश्नकाल समाप्त होने के बाद विपक्ष ने इस मामले को लेकर सरकार को घेरा। सत्र की शुरुआत में तिलहन संघ के कर्मचारियों के वेतनमान और पंचायतों में कबड्डी मैट उपलब्ध कराने जैसे मुद्दों पर सवाल-जवाब हुए। वहीं सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा परिसर में प्रदर्शन किया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार सहित कई विधायक इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में कथित रूप से दूषित पानी से हुई मौतों के विरोध में गंदे पानी की बोतल लेकर पहुंचे। गांधी प्रतिमा के सामने नारेबाजी करते हुए उन्होंने सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि इंदौर की जनता श्मशान पहुंच रही है, जबकि जिम्मेदार लोग सत्ता की कुर्सी पर बैठे हैं। उज्जैन के तराना से कांग्रेस विधायक महेश परमार ने भी घटना को लेकर राज्य सरकार और प्रशासन पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस घटना ने प्रदेश की छवि को नुकसान पहुंचाया है और जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
20 हजार करोड़ का हो सकता है अनुपूरक बजट
आज सदन में वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा मौजूदा वित्तीय वर्ष का तीसरा अनुपूरक बजट पेश करेंगे। यह अनुपूरक बजट करीब 20 हजार करोड़ रुपए का हो सकता है। इसके साथ ही आज आर्थिक सर्वेक्षण भी सदन के पटल पर रखा जाएगा।
राज्यपाल के अभिभाषण पर आज होगी चर्चा
बजट सत्र के पहले दिन राज्यपाल मंगुभाई पटेल के दिए गए अभिभाषण पर आज सदन में चर्चा होगी। सोमवार को राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान विपक्ष के विधायकों ने इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों और छिंदवाड़ा में जहरीले कफ सिरप से बच्चों की मौत के मुद्दे पर हंगामा किया था। हंगामे के कारण राज्यपाल पूरा अभिभाषण पढ़े बिना ही सदन से चले गए थे। हालांकि, विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि राज्यपाल का अभिभाषण पढ़ा हुआ माना जाएगा।