इंदौर।
एसआईआर में नाम कट गया था... इसके बाद इंदौर के रहने वाले दिनेश प्रजापत अपनी बुढ़ी मां के साथ इंदौर कलेक्टर की जनसुनवाई में बार-बार आ रहे थे। लेकिन समाधान की जगह उन्हें तारीख पर तारीख मिल रही थी। इसके बाद मंगलवार को कलेक्टर की जनसुनवाई में उनका गुस्सा फूट पड़ा हो। वह चीख-चीखकर कहने लगे कि तुम काहे का कलेक्टर हो। गरीबों की सुनते नहीं है। उनकी यह चीख सीएम मोहन यादव तक पहुंच गई। सीएम ने मोहन यादव ने इस मामले में संवेदनशीलता दिखाते हुए तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
सीएम मोहन यादव ने दिखाई संवेदनशीलता
इंदौर में सामने आए प्रकरण पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गंभीरता से संज्ञान में लेते हुए त्वरित और संवेदनशील हस्तक्षेप किया। मुख्यमंत्री के निर्देश पर दिनेश प्रजापत और उनकी माता रामप्यारी बाई की वर्षों से चली आ रही समस्या का मानवीय दृष्टिकोण के साथ समाधान सुनिश्चित किया गया। परिस्थितियों को देखते हुए तत्काल KYC पूर्ण कर पेंशन प्रक्रिया प्रारंभ कराई गई, वहीं अरविंदो अस्पताल में समुचित उपचार की व्यवस्था की गई। इसके साथ ही परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान की गई तथा BLO के माध्यम से मतदाता सूची में नाम जोड़ने की प्रक्रिया भी शुरू कराई गई है।
परिवार को मिली बड़ी राहत
वहीं, सीएम मोहन यादव के निर्देश के बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की है। इससे परिवार को बड़ी राहत मिली है। अब दिनेश प्रजापत एक वीडियो जारी कर सीएम मोहन यादव का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि अब उनकी माता की पेंशन प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है और सरकार द्वारा इलाज की समुचित व्यवस्था की गई है।