इंदौर।
शहर में लगातार बिगड़ती जा रही ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने के लिए पुलिस प्रशासन अब और अधिक सख्त कदम उठाने जा रहा है। अब तक रॉन्ग साइड वाहन चलाने या वनवे नियमों का पालन न करने पर केवल चालानी कार्रवाई होती थी। अब ऐसे मामलों में एफआईआर दर्ज की जाएगी। यह व्यवस्था दिल्ली पुलिस की तर्ज पर लागू की जा रही है ताकि सड़क हादसों पर लगाम लगाई जा सके। साथ ही आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
आए दिन हो रही हैं दुर्घटनाएं
दरअसल, रॉन्ग साइड वाहन चलाने और वनवे में घुसने की घटनाओं के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिनमें कई बार लोगों की जान भी चली जाती है। इसी को देखते हुए इंदौर पुलिस ने सख्त रूख अपनाने का निर्णय लिया है। पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने बताया कि पहले चरण में शहर के 42 घोषित वनवे मार्गों पर यह कार्रवाई लागू की जाएगी। इन मार्गों पर नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ अब सीधे एफआईआर दर्ज की जाएगी।
अपराध की श्रेणी में आता है रॉन्ग साइड वाहन चलाना
इंदौर पुलिस का कहना है कि नए भारतीय न्याय संहिता के तहत रॉन्ग साइड वाहन चलाना अब आपराधिक श्रेणी में आता है। पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने कहा कि इस तरह की कार्रवाई पहले भी की जा चुकी है और आगे भी लगातार जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि जो लोग रॉन्ग साइड या लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाकर दूसरों की जान खतरे में डालते हैं, उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा रही है। इसके साथ ही ऐसे वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त कराने की प्रक्रिया भी अपनाई जाएगी। उन्होंने बताया कि वैधानिक प्रक्रियाओं का पालन करते हुए कठोरतम कार्रवाई की जाएगी ताकि लोग इस तरह के कृत्य न कर सकें।
कई सड़के हैं वनवे घोषित
इंदौर में कई ऐसे इलाके और सड़कें हैं, जिन्हें वनवे घोषित किया गया है लेकिन समय के साथ वहां नियमों का पालन कम हो गया है। इसी को लेकर हाल ही में चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधियों ने भी पुलिस कमिश्नर से मुलाकात की थी। ट्रैफिक पुलिस दुकानदारों, व्यापारियों और स्थानीय लोगों जैसे सभी स्टेकहोल्डर्स से लगातार चर्चा कर रही है ताकि तय किए गए मार्गों और पाथवे का सही तरीके से पालन कराया जा सके।