इंदौर।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के इंदौर दौरे को सियासती दौरा बताया जा रहा. राहुल गांधी पर आरोप लग रहे हैं कि वे इंदौर लाशों पर राजनीति करने आए थे. वहीं, राहुल गांधी ने इंदौर में दूषित जल से मारे गए लोगों के परिजनों से मुलाकात करने के बाद मीडिया से चर्चा की. अपने ऊपर लग रहे आरोपों पर उन्होंने कहा कि वे बतौर नेता प्रति पक्ष विपक्ष की जिम्मेदारी निभाने यहां आए थे. उन्होंने कहा कि जिसे मेरे बारे में जो सोचना है, सोचता रहे. इससे पहले राहुल गांधी बॉम्बे हॉस्पिटल पहुंचे थे, जहां उन्होंने दूषित जल से पीड़ित अन्य लोगों से मुलाकात की.
मैं विपक्ष का नेता हूं, राजनीति करने नहीं आया : राहुल
राहुल गांधी ने भागीरथपुरा में मीडिया से कहा, '' जो पीड़ित परिवार हैं. उनसे मैं अभी मिला हूं. उनके परिवार में लोगों की डेथ हुई है. लोगों को डराया जा रहा है कि सारे के सारे परिवार पानी पीने के बाद प्रभावित हुए हैं. यहां ये स्थिति है कि इंदौर में साफ पानी नहीं मिल सकता है और पानी पीकर लोग मरते हैं, ये है इनका अर्बन मॉडल. यह सिर्फ इंदौर में नहीं है, यह अलग-अलग शहरों में हो रहा है. सराकार की साफ पीने की जो जिम्मेदारी है, वो सराकार नहीं निभा रही है. मैं यहां राजनीति नहीं करने आया हूं. यहां पर मैं विपक्ष का नेता हूं, लोगों की मौत हुई है लोगों को साफ पानी नहीं मिले तो मदद करने आया हूं.''
हैदराबाद में पानी से मौतें हुईं तब कहां थे राहुल? : मोहन यादव
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने राहुल गांधी के दौरे पर कहा, ''कांग्रेस अब इंदौर में हुई घटना के बाद 'हाय रे हाय रे' कर रही है. इंदौर में जो घटना घटी हमने उस पर संज्ञान लिया, हम पानी की व्यवस्था को लेकर बेहतर प्रबंधन कर रहे हैं. अगर गड़बड़ी होती है तो हम किसी को छोड़ते भी नहीं है. हमने आईएएस अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया. हम जनता के साथ हैं, हम झूठी राजनीति नहीं करते. हैदराबाद में दूषित पानी के कारण कई लोग मारे गए. हिमाचल में 30 से ज्यादा की मौत हो गई लेकिन कांग्रेस नेताओं के मुंह से एक शब्द नहीं निकला. वहां मिलने कोई नहीं गया. यहां हाय रे हाय रे कर रहे हैं.''मुख्यमंत्री ने आगे कहा, '' कांग्रेस को केवल वोट चाहिए, तो लाशों पर राजनीति करने वाले कांग्रेसियों कान खोलकर सुन लो, जनता तुम्हारे नाटक और बहकावे में आने वाली नहीं.''