इंदौर। 
इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी के कहर के बाद अब जनजीवन पटरी पर लौटने लगा है. मौत और बीमारी के साए में जी रहे इस इलाके के लिए शुक्रवार की सुबह राहत भरी खबर लेकर आई. नगर निगम ने दावा किया है कि कड़ी मशक्कत के बाद क्षेत्र के लगभग 30 प्रतिशत हिस्से में पानी की सप्लाई बहाल कर दी है. कई दिनों के इंतजार के बाद जब नलों में पानी टपका, तो लोगों के चेहरों पर डर और राहत के मिले-जुले भाव नजर आए.
महापौर ने खुद पीकर दूर किया डर 
सप्लाई शुरू होते ही इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ग्राउंड जीरो पर पहुंचे. दूषित पानी को लेकर लोगों के मन में जो खौफ बैठ गया था, उसे दूर करने के लिए महापौर ने एक बड़ा कदम उठाया. उन्होंने मौके पर ही पानी की शुद्धता जांची और जनता के सामने खुद नल का पानी पीकर यह भरोसा दिलाया कि अब सप्लाई किया जा रहा पानी पूरी तरह सुरक्षित है. यह दृश्य उन रहवासियों के लिए किसी बड़ी तसल्ली से कम नहीं था, जिन्होंने पिछले दिनों अपने करीबियों को खोया है.
टेस्टिंग के बाद मिली ग्रीन सिग्नल 
महापौर ने स्पष्ट किया कि पानी की सप्लाई हवा में शुरू नहीं की गई है, बल्कि नगर निगम की टीम ने लैब में पानी की सघन टेस्टिंग की है. उन्होंने कहा कि "हम खुद यह पानी पी रहे हैं, जो इसकी शुद्धता का सबसे बड़ा प्रमाण है." हालांकि, उन्होंने सुरक्षा के लिहाज से एक चेतावनी भी दी है. महापौर ने रहवासियों से अपील की है कि एहतियातन अगले कुछ दिनों तक पानी उबालकर ही पिएं और स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी हर गाइडलाइन का सख्ती से पालन करें.
लाइन सुधार का बड़ा मिशन जारी 
भागीरथपुरा की गलियों में फिलहाल काम थमा नहीं है. महापौर ने बताया कि अब तक केवल 30 प्रतिशत काम ही पूरा हुआ है, जिसके आधार पर आंशिक सप्लाई शुरू की गई है. शेष 70 प्रतिशत क्षेत्र में पुरानी और जर्जर पाइपलाइनों को बदलने या सुधारने का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है. नगर निगम का अमला उन सभी ड्रेनेज मिक्सिंग पॉइंट को खत्म करने में जुटा है, जो इस त्रासदी की मुख्य वजह बने थे. माना जा रहा है कि अगले कुछ ही दिनों में पूरे क्षेत्र में शुद्ध पानी पहुंचने लगेगा.
जांच और जवाबदेही के बीच राहत 
गौरतलब है कि भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से बड़ी संख्या में लोग बीमार हुए थे और कई मौतों ने प्रशासन को हिलाकर रख दिया था. इस घटना के बाद इंदौर नगर निगम की कार्यप्रणाली पर भी कई सवाल खड़े हुए थे. अब जबकि सुधार कार्य अंतिम चरणों में है, प्रशासन की कोशिश है कि शहर के किसी भी अन्य हिस्से में पाइपलाइनों की ऐसी जर्जर स्थिति न रहे. भागीरथपुरा के लोग अभी भी सहमे हुए हैं, लेकिन महापौर के इस भरोसे के बाद उम्मीद है कि अब उनके घरों के नलों से 'बीमारी' नहीं बल्कि 'स्वच्छ जल' बहेगा.