इंदौर। 
इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों के मामले में प्रदेश सरकार घिरती नजर आ रही है. दूषित पानी से हुई मौत के आंकड़ों को लेकर हर दिन अलग-अलग जानकारियां मीडिया में सामने आ रही हैं. वहीं, प्रशासनिक आंकड़ों और नेताओं के बयानों में भिन्नता के बाद अब एक कंपनसेशन लिस्ट ने प्रदेश में बवाल मचा दिया है. इस लिस्ट में दावा किया गया कि प्रशासन की ओर से 18 लोगों की मौत पर मुआवजा दिया गया है, यानी कुल 18 मौतें दूषित पानी से हो चुकी हैं. इसी बीच देश के एक प्रतिष्ठित मीडिया हाउस ने अपनी खबर में दावा किया है कि कैलाश विजयवर्गीय ने बिना फाइनल रिपोर्ट्स के इंतजार के कुछ लोगों को मुआवजा राशि के चेक बांट दिए. वहीं, मुआवजे की लिस्ट पर इंदौर कलेक्टर की प्रतिक्रिया भी सामने आई है.
इंदौर में मौत के आंकड़ों पर बवाल
जिला प्रशासन और राज्य शासन पर विपक्ष लगातार मृतकों की संख्या छिपाने के आरोप लगा रहा है. 25 दिसंबर के बाद से ही इंदौर में दूषित पानी से होने वाली मौत का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है, भागीरथपुरा और आसपास के इलाकों में रहने वाले कई लोग काल के गाल में समा गए. हालांकि, आधिकारिक तौर शासन द्वारा अब 8 लोगों की मौत की पुष्टि की गई है. इस बीच 18 लोगों को दिए गए मुआवजे की लिस्ट ने फिर सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया. इंदौर में दूषित पानी से मौत के आंकड़ों पर अब कोर्ट ने भी संज्ञान लिया है.
कलेक्टर ने 18 लोगों की मौत पर क्या कहा?
इस मामले में इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा ने स्वीकार किया कि जिला प्रशासन ने अब तक 18 लोगों के परिजनों को 2-2 लाख रुपए की राहत राशि प्रदान की है जबकि तीन अन्य मृतकों के परिजनों को भी राहत राशि प्रदान करने की प्रक्रिया जारी है. उन्होंने कहा, '' मीडिया रिपोर्ट के अनुसार जो भी नाम सामने आए, उन्हें भी इस घटना में शामिल मानकर फिलहाल आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है. वहीं, मौत के आंकड़े पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट्स के आधार पर बनाए जाते हैं.''
कोर्ट ने मौत के आंकड़ों पर सरकार को लगाई फटकार
मंगलवार को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की एक डिवीजन बेंच ने इस मामले को लेकर सरकार को फटकार लगाई है. जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की युगलपीठ ने मौत के आंकड़ों को लेकर राज्य सरकार से कड़े सवाल पूछे हैं. कोर्ट ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि इंदौर मामले पर सरकार का रवैया असंवेदनशील नजर आता है. इस घटना से देश में स्वच्छता के लिए मशहूर शहर अब पूरी दुनिया में बदनाम हो रहा है.