इंदौर में भागीरथपुरा बना अभेद किला, कांग्रेस नेताओं को जाने से रोका तो जीतू पटवारी ने कहा- तालिबान राज है क्या?
इंदौर।
भागीरथपुरा में दूषित जल से अभी तक 17 मौतें हुई हैं। इसे लेकर कांग्रेस के सभी बड़े नेता भागीरथपुरा पहुंचे। उन्हें रोकने के लिए पुलिस ने बड़ी तैयारी की थी। भागीरथपुरा के आसपास बैरकेडिंग की गई थी। साथ ही वॉच टावर बनाए गए थे। इसके साथ ही बड़ी संख्या में पुलिस की तैनाती की गई थी। भागीरथपुरा की घेरेबंदी को लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा है कि सरकार तथ्यों को छुपाना चाहती है।
सिर्फ आठ नेताओं को अंदर जाने की अनुमति
दरअसल, भागीरथपुरा में धरना, प्रदर्शन और सभा पर प्रतिबंध है। कांग्रेस नेता बड़ी संख्या में वहां पहुंचे थे। साथ ही भागीरथपुरा के लोगों से मिलना चाहते थे। प्रशासन ने मात्र आठ बड़े नेताओं को अंदर जाने की अनुमति दी। इसके बाद प्रदेश जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार समेत आठ नेता कॉलोनी के अंदर गए। साथ ही पीड़ित परिवार के लोगों से मुलाकात कर उनसे बातें की है।
बैरिकेड के दौरान बहसबाजी भी हुई
इंदौर पुलिस ने बैरिकेड कर कांग्रेस नेताओं का रास्ता रोक दिया था। वहीं, नेता आगे बढ़ना चाहते थे। इस दौरान पुलिस के साथ उनकी बहसबाजी भी हुई है। अपने लोगों को जीतू पटवारी ने वॉच टावर पर चढ़कर संबोधित भी किया है।
सरकार छुपा रही है तथ्य
वहीं, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि भागीरथपुरा को लेकर सरकार तथ्य छुपा रही है। यही वजह है कि कांग्रेस को अंदर नहीं जाने दे रही है। यहां 17 लोगों की जान गई है लेकिन सरकार वास्तविक स्थिति नहीं बता रही है। हमें अंदर जाने से रोका जा रहा है।
सच को लाएंगे सामने
इसके साथ ही नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि सरकार भागीरथपुरा में जिन तथ्यों को छुपा रही है, उसको हम सामने लाएंगे। उमंग सिंघार ने भागीरथपुरा में कई पीड़ित परिवारों से मुलाकात की है।
जीतू ने लगाया गले
भागीरथपुरा की गलियों में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने एक बुजुर्ग महिला को गले लगाया है। इस दौरान वह भावुक हो गए। कांग्रेस ने वहां के लोगों को भरोसा दिया है कि हम आपकी लड़ाई लड़ेंगे। मृतक के परिजनों से मिलने के बाद कांग्रेस नेता वहां से रवाना हो गए हैं।
जीतू पटवारी ने एक्स पर लिखा कि मैं और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार इंदौर में दूषित पानी पीने से पीड़ित परिजनों से मिलकर उनका दुख बांटना चाहते थे, लेकिन उनके घरों के बाहर सैकड़ों पुलिस जवानों की तैनाती और बैरिकेडिंग कर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने साफ कर दिया कि उनकी सरकार सच से कितनी डरी हुई है। संविधान के अनुच्छेद 19(1)(d) के तहत भारत के हर नागरिक को पूरे देश में कहीं भी जाने का अधिकार है, लेकिन विपक्ष के नेताओं को पीड़ित परिजनों से मिलने से रोककर मुख्यमंत्री संवैधानिक पद पर बैठकर संविधान का चीरहरण कर रहे हैं।

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