इंदौर।
देश के सबसे स्वच्छ शहर का तमगा पाने वाले इंदौर में दूषित पानी से फैली बीमारी और मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शहर के भागीरथपुरा क्षेत्र में अब तक इस त्रासदी में 14 लोगों की जान जा चुकी है। हालांकि प्रशासन की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं की गई है। वहीं मृतकों के परिजनों ने राहत राशि का चेक लेने से साफ इनकार कर दिया
14 तक पहुंचा आंकड़ा
जानकारी के अनुसार इस हादसे में 14वें मृतक की पहचान अरविंद (43) पिता हीरालाल के रूप में हुई है। अरविंद कुलकर्णी भट्टा क्षेत्र का निवासी था। इससे पहले 21 से 31 दिसंबर के बीच 13 लोगों की मौत हो चुकी थी। दूषित पानी पीने से फैली बीमारी ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना दिया है।
हमें आपका चेक नहीं चाहिए
गुरुवार दोपहर कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भागीरथपुरा पहुंचे। मंत्री ने सात मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता के चेक सौंपने की कोशिश की। हालांकि इस दौरान परिजन बेहद नाराज नजर आए और उन्होंने मंत्री से कहा कि हमें आपका चेक नहीं चाहिए।
खुलकर दिखा आक्रोश
मंत्री के दौरे के दौरान क्षेत्र की महिलाओं ने भी खुलकर आक्रोश जताया। एक महिला का वीडियो सामने आया है जिसमें वह कहती दिख रही है कि पिछले दो वर्षों से इलाके में गंदा और बदबूदार पानी आ रहा है। कई बार भाजपा पार्षद और संबंधित अधिकारियों को इसकी शिकायत की गई, लेकिन आज तक समस्या का समाधान नहीं हुआ। महिलाओं ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने समय रहते ध्यान दिया होता, तो इतनी बड़ी जनहानि नहीं होती।