इंदौर महापौर ने कंफर्म की 7 लोगों की मौत, पेयजल लाइन में मिला ड्रेनेज का पानी
इंदौर।
क्लीन सिटी इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में गंदा पानी पीने के कारण तकरीबन 120 से अधिक लोग बीमार हो गए हैं. जबकि 7 लोगों की मौत हो गई है. इस बात की पुष्टि महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने की है. पुष्यमित्र भार्गव के मुताबिक, ''भागीरथपुरा क्षेत्र के लोगों की पानी के इंफेक्शन के चलते 3 लोगों की मौत हुई है. लेकिन मेरी जानकारी के हिसाब से 4 लोग और थे जो तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल पहुंचे थे. उन चारों की भी मौत हो गई है. प्रथम दृष्टया पानी की लाइन में ड्रेनेज मिलने से लोगों की मौत हुई है.'
अस्पतालों में 24 घंटे डॉक्टरों की ड्यूटी
उन्होंने कहा, ''मृतकों के परिवारों को 2-2 लोगों का मुआवजा दिया गया है. जहां-जहां गंदे पानी की शिकायत मिली है उन जगहों को चिन्हित किया है. पूरे क्षेत्र में घर-घर जाकर सर्वे कर रहे हैं. लोगों को बेहतर इलाज मिले इसके लिए 24 घंटे के लिए अस्पतालों में डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई गई है. सीएम डॉ. मोहन यादव ने मामले पर नजर बनाए रखने और पीड़ितों के लिए बेहतर इलाज करवाने के निर्देश दिए हैं.''
पेयजल लाइन में मिला ड्रेनेज का पानी
पानी की लाइन और ड्रेनेज लाइन एक साथ होने का नतीजा है कि यहां दूषित पानी सप्लाई के कारण कई लोगों की मौत हो चुकी है. हालांकि लीकेज ढूंढने के लिए चले अभियान के बाद उस लीकेज का पता चल गया है जिससे गंदा पानी पीने की लाइन में रिस रहा था जिसे अब बंद कर दिया गया है. प्रदेश के जिस शहर को वाटर प्लस और क्लीन सिटी का अवार्ड मिला है वहां पीने की पानी की लाइन ड्रेनेज लाइन के समानांतर डाली गई है. यह पहला मौका है जब गंदे पानी की शकायतों पर लापरवाही करने के कारण एक साथ इतने लोगों की मौत हुई है. इस घटनाक्रम के बाद नींद से जागे नगर निगम के अधिकारियों ने जब भागीरथपुरा क्षेत्र में पानी की लाइन का बारी-बारी से निरीक्षण किया तो क्षेत्र की पानी की टंकी के पास पुलिस चौकी के एक शौचालय के ड्रेनेज का पानी पेयजल की मुख्य लाइन में भूमिगत रूप से रिसना पाया गया.
पानी की लाइन की फ्लैशिंग
मौके पर पता चला कि पानी की लाइन में बीते कई दिनों से शौचालय का गंदा पानी मिल रहा था. संभवत इसी के कारण यह स्थिति बनी. नगर निगम ने फिलहाल आनन फानन में इस शौचालय को ध्वस्त करने के बाद उसका लीकेज सुधारा है. नगर निगम के कमिश्नर दिलीप कुमार यादव के निर्देश पर मरम्मत कार्य शुरू किया गया है. वहीं, सुधार कार्य के बाद पानी की लाइन की फ्लैशिंग की जा रही है. क्लोरीनेशन और सैंपल टेस्टिंग के बाद पानी उपयोग में लाया जा सकेगा.

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