इंदौर। 
मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के इंदौर (Indore) में इस साल अब तक होने वाली शादियों में सबसे बड़ी शादी भाजपा विधायक गोलू शुक्ला के बेटे अंजनेश शुक्ला की रही. 11 दिसंबर को शाही अंदाज में हुई. विधायक पुत्र की शादी सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बनी हुई है. सोशल मीडिया पर इस शादी को लेकर दावा किया जा रहा है कि इसे भव्य बनाने के लिए 70 लाख रुपये के पटाखों से आतिशबाजी की गई. यह सब ऐसे वक्त में क्या गया, जब प्रदूषण से देशभर का वायु जहरीला हो चुका है.
इसके अलावा, इंदौर के प्रसिद्ध खजराना गणेश मंदिर के गर्भगृह में प्रतिबंध के बाद भी नवविवाहित दंपति ने एक दूसरे को वरमाला पहनाई, जिसको लेकर भी राज्य में राजनीति गरमा गई है. दरअसल, विधायक पुत्र के गर्भगृह के अंदर जाने के मामले पर अब सियासत गरमा चुकी है. कांग्रेस ने इस पर मामले पर सीधा निशाना साधा. कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता हर्ष जैन ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की और आगे कहा ऐसा कई बार हो चुका है कि भारतीय जनता पार्टी के नेता खुद को भगवान से भी ऊपर मानते हैं. जब आम आदमी को गर्भगृह के अंदर जाने की अनुमति नहीं, ऐसे में भारतीय जनता पार्टी के नेता और उनके पुत्र जा रहे हैं, तो यह गलत है. शासन-प्रशासन से अनुरोध है कि अगर अनुमति मिले, तो सबको मिले, क्योंकि भगवान के सामने कोई वीआईपी नहीं होता. इसके पहले भी यह मामला सामने आया था, जब गोलू शुक्ला के पुत्र ने गर्भगृह के अंदर प्रवेश कर पूजा पाठ की थी. इससे साफ है कि भारतीय जनता पार्टी राजनीति घमंड से कर रही है, जो असल मुद्दे हैं, उसे पर सत्ताधारी पार्टी की नजर नहीं है.
वहीं कांग्रेस कमेटी के पूर्व मध्य प्रदेश सचिव ने कहा कि विधायक गोलू शुक्ला के पुत्र शुरुआत से असंस्कारी रहे हैं. विधायक खुद को सनातनी बताते हैं, लेकिन उनके बच्चों में संस्कार नहीं हैं. यह बात सिर्फ खजराना गणेश मंदिर तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे पहले उज्जैन के महाकालेश्वर और देवास में मौजूद माता टेकरी में भी ऐसे कृत्य कर चुके हैं. आम आदमी हो या वीआईपी सभी के लिए भगवान का घर एक समान है. कार्रवाई से पहले उन्हें संस्कार दिए जाएं.