इंदौर।
इंदौर में बढ़ते सड़क हादसों को लेकर हाई कोर्ट ने ट्रैफिक पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े किए. शहर के एयरपोर्ट रोड पर करीब 2 माह पहले बेलगाम ट्रक ने कई लोगों को कुचल दिया था. इस मामले में दायर याचिका पर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ में सुनवाई चल रही है. हाई कोर्ट की सुनवाई के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इंदौर पुलिस कमिश्नर पेश हुए. इस दौरान हाई कोर्ट ने पुलिस कमिश्नर पर चालानी कार्रवाई को लेकर गंभीर सवाल उठाए. मामले की अगली सुनवाई 27 नवंबर को होगी.
पहले ट्रैफिक रूल्स तुड़वाते हैं, फिर चालानी कार्रवाई
हाई कोर्ट में चीफ जस्टिस संजीव सचदेव और जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ द्वारा इस मामले की सुनवाई की जा रही है. सुनवाई के दौरान पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह ने बताया "ट्रैफिक रूल्स तोड़ने वाले वाहन चालकों पर कार्रवाई की जा रही है." उन्होंने इसका ब्यौरा भी पेश किया. इस पर युगलपीठ ने कहा "आपकी पुलिस द्वारा पहले वाहन चालकों से नियम तुड़वाए गए और उसके बाद उनके खिलाफ चालानी कार्रवाई की गई."
चालान काटने में लगी रहती है ट्रैफिक पुलिस
हाई कोर्ट ने पुलिस कमिश्नर से कहा "मुंबई में जाकर देखें, वहां पर बीच चौराहे पर पुलिसकर्मी नजर आता है लेकिन आपके इंदौर में पेड़ के पीछे जवान खड़े रहते हैं और वह ड्यूटी करने के दौरान सिग्नल तोड़ने वालों के चालान बनाने में लगे रहते हैं. आपको 31 दिसंबर तक चालानी कार्रवाई का टारगेट मिलता है. यदि 31 दिसंबर तक निश्चित संख्या में चालानी कार्रवाई नहीं हुई तो चालानी कार्रवाई बड़े स्तर पर की जाती है."