इंदौर। 
देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (डीएवीवी) में एक आयोजन के आमंत्रण पत्र को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कार्ड पर बीजेपी विधायक गोलू शुक्ला के नाम के आगे 'सनातनी विधायक' लिखा गया था, जिसे लेकर शिकायत की गई। शिकायत के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने आनन-फानन में कार्ड से 'सनातनी' शब्द हटा दिया।
स्वदेशी मेले के आमंत्रण पत्र का मामला
जानकारी के अनुसार, देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर एवं स्वदेशी जागरण मंच के संयुक्त तत्वावधान में 10 नवंबर को सुबह 10.30 बजे तक्षशिला परिसर में 'स्वदेशी स्वावलंबन मेला' आयोजित किया जाना है। इस आयोजन में मुख्य अतिथि के तौर पर विधायक गोलू शुक्ला को आमंत्रित किया गया है। पहले छपे इन्विटेशन कार्ड पर विधायक की फोटो के साथ लिखा गया था- 'मुख्य अतिथि सनातनी विधायक गोलू शुक्ला जी'। कार्ड पर कुलगुरु प्रो. राकेश सिंघई और कुलसचिव प्रज्ज्वल खरे की फोटो भी मुख्य संरक्षक और संरक्षक के रूप में लगी है।
शिकायत के बाद बदला गया कार्ड
बताया जा रहा है कि 'सनातनी विधायक' लिखे जाने को लेकर विश्वविद्यालय में कुछ शिकायतें की गईं। शिकायत में आपत्ति जताई गई कि किसी विधायक के नाम के आगे सनातनी कैसे लिखा जा सकता है और क्या इसका मतलब यह है कि बाकी नेता गैर-सनातनी हैं। इन शिकायतों के बाद विश्वविद्यालय ने आमंत्रण पत्र में संशोधन किया। नए कार्ड में फोटो के नीचे लिखा गया- 'मुख्य अतिथि गोलू शुक्ला माननीय विधायक क्षेत्र क्रमांक 3 इंदौर'।
विधायक ने भी पूछा- शब्द क्यों हटाया?
विश्वविद्यालय सूत्रों के अनुसार, इस बदलाव की जानकारी मिलने पर विधायक गोलू शुक्ला ने भी विश्वविद्यालय के संबंधित विभाग की डायरेक्टर से बात की। उन्होंने सवाल किया कि उनके नाम के आगे से 'सनातनी' शब्द क्यों हटाया गया। इस पर डायरेक्टर ने उन्हें पूरी जानकारी दी। कार्यक्रम संयोजक और डायरेक्टर प्रो. रेखा आचार्य ने पुष्टि की कि शब्द को लेकर किसी को आपत्ति थी, जिसके चलते इसे हटाया गया है, हालांकि विधायक गोलू शुक्ला ही कार्यक्रम में आ रहे हैं।