इंदौर।
इंदौर शहर के राजवाड़ा पर वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष में आयोजित भव्य कार्यक्रम के दौरान मंच से उस वक्त माहौल गरमा गया, जब बीजेपी के वरिष्ठ नेता और राष्ट्रकवि सत्यनारायण सत्तन ने सीधा तंज कस दिया। सत्तन ने मंच से कहा कि “जो कभी चने नहीं खा सकते थे, सेव-परमल पर जिंदा थे और अब राजकीय गाड़ियों में घूम रहे हैं।” सत्यनारायण सत्तन ने यह उस वक्त कहा जिस समय कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की गाड़ी सायरन बजाती हुई मंच की तरफ बढ़ रही थी। सत्तन ने इतना कहते ही कार्यक्रम स्थल पर कैबिनेट मंत्री कैलाश का काफिला पहुंच गया। सायरन की आवाज सुनते ही सत्तन ने जोड़ा कि “कल तक जो झंडा उठाते हुए घूमते थे, आज गाड़ी में घूम रहे हैं और उनके आगे पी-पी की आवाज़ हो रही है।” सत्तन यहीं नहीं रुके। उन्होंने मंच से बीजेपी के भीतर के पुराने संघर्षशील कार्यकर्ताओं की अनदेखी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि “आज मंच पर नई पीढ़ी के नेता विराजमान हैं, लेकिन बाहर वो कार्यकर्ता खड़े हैं जिन्होंने संघर्ष के दिनों में पार्टी का झंडा थामे रखा। आज वही लोग सड़क पर खड़े होकर आत्मसंतुष्टि पा रहे हैं कि उनके संघर्ष से राष्ट्र प्रेम की मशाल जल रही है।” इस कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, पूर्व महापौर और विधायक मालिनी लक्ष्मण सिंह गौड़ समेत कई भाजपा पदाधिकारी मौजूद थे। लेकिन सत्तन के बयान के बाद मंच पर कुछ पल के लिए सन्नाटा छा गया। सत्तन का यह तंज बीजेपी के अंदरूनी हालातों की झलक माना जा रहा है। उनके तीखे शब्दों ने कार्यक्रम को महज वंदे मातरम् समारोह से निकालकर सीधा राजनीतिक अखाड़ा बना दिया। अब सत्तन के इस बयान ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। लोग इसे कैलाश विजयवर्गीय पर सीधा वार मान रहे हैं।