इंदौर। 
चिड़ियाघर में मौजूद मोती नामक बुजुर्ग हाथी को बचाव, देखभाल और पुनर्वास केंद्र वंतारा में शिफ्ट करने का आदेश जारी किया गया है. सूंड से माउथ ऑर्गन बजाने के अलावा सिंघाड़ते हुए राम बोलने वाला इंदौर का मोती नमक बुजुर्ग हाथी अपनी नियति पर आंसू बहाने को मजबूर है. कभी स्वतंत्रता समारोह में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को माला पहनने वाले इंदौर चिड़ियाघर में मौजूद मोती नामक बुजुर्ग हाथी को पहले तो अपनी जिंदगी के अधिकांश समय तक दर्दनाक और चुभने वाली जंजीरों से बांधकर रखा गया. अब वह अपनी बाकी बची जिंदगी के कुछ साल और सुकून से बिताना चाहता है तो उसे अपने ही घर से बेघर करने का फरमान जारी कर दिया गया है.
मोती को वंतारा शिफ्ट करने के आदेश
सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित वन्य प्राणियों से जुड़ी हाई पावर कमेटी की सिफारिश पर 62 साल के मोती को गुजरात के जामनगर स्थित वंतारा शिफ्ट करने के आदेश जारी किए गए हैं. यह निर्णय मोती की पर्याप्त देखभाल और उपचार के लिए लिया गया है. मोती को इंदौर से जामनगर स्थित वंतारा वाइल्डलाइफ सेंचुरी में शिफ्ट किया जाना है.
एक संत के हाथी को भी शिफ्ट करने के आदेश
मोती नामक हाथी के अलावा उज्जैन से भी एक संत महात्मा के हाथी के लिए भी ऐसे ही आदेश दिए गए हैं. जिसे लेकर संबंधित संत और उनसे जुड़े कई लोग खासे निराश और दुखी हैं. फिलहाल इंदौर से मोती को वंतारा शिफ्ट करने के आदेश पर इंदौर नगर निगम और चिड़ियाघर प्रशासन ने हैरानी जताई है. ऐसा इसलिए भी है कि मोती नामक हाथी अपनी औसत आयु पूरी करने जा रहा है. इतना ही नहीं इंदौर में चिड़ियाघर आने वाले पर्यटकों के लिए यह इकलौता हाथी है. इसके पहले भी इंदौर स्थित चिड़ियाघर से एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत वंतारा वन्यजीव अभयारण्य को टाइगर, लोमड़ी और घड़ियाल दिए गए थे इसके बदले में इंदौर को अफ्रीकी जेब्रा का जोड़ा भेजा गया था. उस दौरान भी इस एक्सचेंज प्रोग्राम पर सवाल उठे थे. इंदौर के मोती नामक हाथी को यहां भेजने पर वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट कई सवाल उठा रहे हैं.