हुरुन रिच लिस्ट में एमपी से 13 कारोबारियों के नाम:इंदौर के विनोद अग्रवाल सबसे ऊपर, हर दिन 6.57 करोड़ रुपए बढ़ी संपत्ति
भोपाल।
हुरुन रिच लिस्ट 2024 बुधवार को जारी कर दी गई। इसमें हजार करोड़ रुपए से अधिक संपत्ति वाले भारत के 1687 बिजनेसमैन को शामिल किया गया है। मध्य प्रदेश से इस सूची में 13 कारोबारी शामिल हैं, जिनमें इंदौर से 10 और भोपाल से 3 उद्योगपति हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) जांच में घिरा पाथ ग्रुप भी इस लिस्ट में शामिल है। हालांकि, ग्रुप की संपत्ति बीते साल से घटी है।
इंदौर के कोल कारोबारी विनोद अग्रवाल 9500 करोड़ रुपए की संपत्ति के साथ एमपी में पहले नंबर पर हैं। दूसरे स्थान पर भोपाल के दिलीप बिल्डकॉन के मालिक दिलीप सूर्यवंशी हैं, जिनकी संपत्ति 4430 करोड़ रुपए आंकी गई है। अग्रवाल की संपत्ति में 2400 करोड़ रुपए का इजाफा हुआ है। राष्ट्रीय स्तर पर वे 66 पायदान ऊपर चढ़े हैं। सूर्यवंशी की संपत्ति में 630 करोड़ रुपए का इजाफा हुआ है। सूर्यवंशी 10 पायदान ऊपर चढ़े हैं।
अग्रवाल की संपत्ति हर दिन 6.57 करोड़ बढ़ी
इंदौर के कारोबारियों में से विनोद अग्रवाल बीते साल की लिस्ट में 394वें नंबर पर थे। उनकी संपत्ति 7100 करोड़ थी। एक साल में उनकी संपत्ति 2400 करोड़ रुपए बढ़ी है यानी इसमें हर दिन 6.57 करोड़ का इजाफा हुआ है। वहीं, इंदौर से दूसरे नंबर पर आए उजास एनर्जी के श्याम मूंदड़ा की संपत्ति घटी है। बीते साल वे 3500 करोड़ के साथ 709 नंबर पर थे, अब 767 नंबर पर हैं। उनकी संपत्ति 3410 करोड़ रुपए है।
पाथ ग्रुप विवाद में, शक्ति पंप के दो पार्टनर लिस्ट में
तीन दिन पहले ईडी के छापे से चर्चा में आए इंदौर (महू) के पाथ ग्रुप के नितिन अग्रवाल की संपत्ति पहले 1300 करोड़ थी और वे 1378वें नंबर पर थे। इस बार उनकी संपत्ति घटकर 1230 करोड़ रह गई है। वे 1522 नंबर पर आ चुके हैं।
वहीं, शक्ति पंप के दिनेश पाटीदार बीते साल 3400 करोड़ के साथ 732 नंबर पर थे लेकिन अब 1440 करोड़ के साथ 1399वें स्थान पर पहुंच गए हैं। सुनील पाटीदार जो इसी कंपनी में पार्टनर हैं, वे बीते साल 1200 करोड़ के साथ 1445 नंबर पर थे। इस बार 2050 करोड़ के साथ 1094 नंबर पर आ गए हैं।
आनंद ज्वेलर्स की संपत्ति में भी इजाफा
इंदौर के आनंद ज्वेलर्स के गौरव आनंद की संपत्ति 1220 करोड़ है, उनकी संपत्ति में इजाफा हुआ है। वे अभी 1525 नंबर पर हैं, बीते साल 1000 करोड़ के साथ 1534 नंबर पर थे। राजरतन के सुनील चौरड़िया बीते साल की लिस्ट में 2100 करोड़ के साथ 1016 पायदान पर थे, अब 1330 करोड़ की संपत्ति के साथ 1470 नंबर पर आ चुके हैं।
जीआर इन्फ्रा के विनोद अग्रवाल पहले 1700 करोड़ के साथ 1192 पायदान पर थे, अब 1206 वें नंबर पर हैं। 1820 करोड़ की नेटवर्थ है। जयदीप इस्पात कंपनी के विमल तोड़ी इस बार 1270 करोड़ की संपत्ति के साथ 1507 नंबर पर हैं। बीते साल 1500 करोड़ के साथ 1298 नंबर पर थे।
विनोद अग्रवाल 14-15 साल की उम्र से संभाल रहे बिजनेस
10 जून 1963 को हरियाणा के रोहतक में जन्मे विनोद अग्रवाल का परिवार जमींदारी से जुड़ा था। 1965 में जब वे दो साल के थे तो परिवार इंदौर आकर बस गया। इंदौर में पिता ने पहले नौकरी की, फिर खुद का ट्रांसपोर्ट बिजनेस शुरू किया। इसके बाद वे धीरे-धीरे कोयले के कारोबार से जुड़ गए। एक इंटरव्यू में विनोद अग्रवाल ने कहा था- मैं जब 9वीं क्लास में था, 14-15 साल मेरी उम्र थी। तभी बिजनेस संभालना शुरू कर दिया।अग्रवाल ने बताया- मैंने कम उम्र में ही गुजरात-राजस्थान की यात्राएं कीं, जो कोयला व्यापार से संबंधित थीं। तब क्लाइंट को हैंडल करना बड़ा चैलेंज था। कम उम्र होने के कारण कई बार उन्हें भरोसे में लेना मुश्किल हो जाता था। हालांकि, मेरा पढ़ने का शौक कम नहीं हुआ। 12वीं की परीक्षा में गोल्ड मेडलिस्ट रहा। प्रदेश में मेरिट लिस्ट में था। व्यापार का सफर भी चलता रहा।
इंदौर आए थे तब साइकिल भी नहीं थी
विनोद अग्रवाल ने बताया था- जब हम इंदौर आए थे तो हमारे पास एक साइकिल भी नहीं थी। सपना था कि हमारे पास भी एक साइकिल हो। आज प्रभु ने हमें रोल्स रॉयस दी हुई है। मेरा मानना है कि जो समय आप से करवाए, वो करना चाहिए। यदि आप समय के आगे चलेंगे तो भी तकलीफ है, समय से पीछे चलेंगे तो भी तकलीफ है।
उदाहरण के लिए यदि आप आज मर्सिडीज कार मेंटेन कर सकते हैं और आप कंजूसी में मारुति में चलना शुरू कर दें तो वो भी गलत है। अगर आपकी पोजिशन मारुति की ही है और आप मर्सिडीज ले आते हैं तो आप संभाल नहीं पाएंगे। मेंटेन नहीं कर पाएंगे, तो परेशान हो जाएंगे। ब्याज का जीवन नहीं बनाएं। आप जैसे हैं, वैसे रहें।
मां अहिल्या की पुण्य नगरी से सबकुछ मिला
विनोद अग्रवाल कहते हैं- मुझसे पहले कभी कहा गया था कि भारत के कानून अलग तरीके के हैं। सख्त हैं। यहां टैक्सेशन अधिक है। आपको कहीं न कहीं विदेश में सेटल हो जाना चाहिए। देश से बाहर चले जाना चाहिए।
मेरा उनको यही जवाब रहता था कि ये मां अहिल्या की पुण्य नगरी है। यदि आप यहां आए हैं और आपने यहां से कुछ अर्जन किया है और आप सोचें कि कहीं बाहर चले जाएं और उसको संभाल पाएं। मेरे पास ऐसे कई उदाहरण हैं, जिन्होंने अपना होम टाउन बदला तो वो संभल नहीं पाए। मैं तो कभी भी इंदौर नहीं छोड़ूंगा। मुझे तो इस धरती ने सब कुछ दिया है।

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