इंदौर। 
इंदौर में “आई लव मोहम्मद” पोस्टर विवाद के बीच महापौर पुष्यमित्र भार्गव का व्हाट्सएप स्टेटस चर्चा का विषय बन गया है. इस स्टेटस में उन्होंने “आजादी” की नई परिभाषा पर तंज कसते हुए कुछ संवेदनशील मुद्दों का जिक्र किया, जिसके बाद सियासी हलचल तेज हो गई है. यह विवाद तब शुरू हुआ जब देश भर में “आई लव मोहम्मद” पोस्टर को लेकर बहस छिड़ी थी. इस बीच, महापौर का स्टेटस लोगों के बीच चर्चा का केंद्र बन गया.
पुष्यमित्र भार्गव ने अपने व्हाट्सएप स्टेटस में लिखा, “2016 vs 2025 आजादी की नई परिभाषा”. इसके बाद उन्होंने कई विवादित बिंदुओं का जिक्र किया, जैसे “अफजल को दी थी आजादी, याकूब को दी थी आजादी, कसाब को दी थी आजादी, हर आतंकवाद को दी थी आजादी, कश्मीर में दे दी आजादी, बंगाल में दे दी आजादी.” इस स्टेटस को लेकर कुछ लोगों ने इसे भड़काऊ बताया, जबकि कुछ ने इसे महापौर की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हिस्सा माना.
यह स्टेटस ऐसे समय में सामने आया है जब इंदौर और देश के अन्य हिस्सों में “आई लव मोहम्मद” पोस्टर को लेकर पहले से ही तनाव चल रहा है. इन पोस्टरों को कुछ लोग धार्मिक भावनाओं से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि अन्य इसे अभिव्यक्ति की आजादी का हिस्सा मानते हैं. महापौर के स्टेटस ने इस बहस को और हवा दे दी है. उनके इस बयान से राजनीतिक दलों में भी हलचल मच गई है. कुछ विपक्षी नेताओं ने इसे आपत्तिजनक बताते हुए कार्रवाई की मांग की है, जबकि सत्ताधारी दल के समर्थकों ने इसे सही ठहराया है. इंदौर के स्थानीय लोगों में भी इस मुद्दे पर अलग-अलग राय है. कुछ का कहना है कि महापौर का स्टेटस संवेदनशील मुद्दों को उठाकर समाज में तनाव बढ़ा सकता है, जबकि अन्य मानते हैं कि यह एक राजनीतिक बयान है जो मौजूदा हालात पर टिप्पणी करता है. इस बीच, पुलिस और प्रशासन इस मामले पर नजर रखे हुए हैं ताकि शहर में शांति बनी रहे. महापौर की ओर से अभी इस स्टेटस पर कोई सफाई नहीं दी गई है, लेकिन माना जा रहा है कि यह विवाद जल्द ही और तूल पकड़ सकता है.