MY हॉस्पिटल में चूहाकांड किसकी लापरवाही से, अब तक FIR क्यों नहीं? हाई कोर्ट ने मांगा जवाब
इंदौर।
एमवाय अस्पताल में हुआ चूहाकांड मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में गूंजा. हाई कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर पूछा है "इस लापरवाही के लिए कौन जिम्मेदार है." इसके साथ ही इंदौर पुलिस कमिश्नर को भी नोटिस जारी किया गया. इसमें पूछा है "इस मामले में अब तक एफआईआर क्यों दर्ज नहीं की गई." इस मामले में इंदौर हाई कोर्ट में दो सप्ताह बाद सुनवाई होगी.
पीडब्ल्यूडी को भी नोटिस देकर जवाब मांगा
इंदौर के एमवाय हॉस्पिटल में पिछले दिनों दो नवजातों को चूहों ने कुतर दिया. दोनों नवजातों की मौत हो गई थी. मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने इस मामले में पीडब्ल्यूडी को भी नोटिस जारी करते हुए पूछा है "वह बताए कि अस्पताल और एमजीएम मेडिकल कॉलेज के भवनों आंतरिक व बाहरी स्थिति कैसी है, यह भवन कितने साल और चल सकते हैं और इन्हें सुधारने के लिए कितनी राशि की आवश्यकता होगी." हाई कोर्ट ने जिला प्रशासन की स्टेटस रिपोर्ट पर भी टिप्पणी करते हुए कहा "प्रशासन यह साबित करने का प्रयास कर रहा है नवजातों की मौत चूहे के काटने से नहीं बल्कि जन्मजात विकृतियों के कारण हुई है."
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने मामले को संज्ञान में लिया
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने ने 10 सितंबर 2025 को मामले को खुद ही संज्ञान लिया था. कोर्ट ने वरिष्ठ अधिवक्ता पियूष माथुर और अधिवक्ता कीर्ति पटवर्धन को न्याय मित्र नियुक्त किया है. वहीं, कोर्ट ने लोक निर्माण विभाग से एमजीएम मेडिकल कॉलेज भवन सहित अन्य भवनों के सुधार कार्य को लेकर डीपीआर तैयार करने के लिए भी कहा है. एमवाय अस्पताल के पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग की एनआइसीयू में भर्ती धार और देवास जिले के दो नवजातों के अंग 31 अगस्त और एक सितंबर की दरमियानी रात चूहों ने कुतर दिए थे. उपचार के दौरान ही दोनों नवजातों की मौत हो गई थी.

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