इंदौर। 
प्रदेश में कपड़ों के सबसे बड़े बाजार में महिलाओं की सुरक्षा के लिए विधायक पुत्र ने फरमान जारी किया है. यहां क्लॉथ मार्केट और शीतला माता बाजार में महिलाओं और युवतियों के साथ छेड़छाड़ में लिप्त सेल्समैनों और कपड़ दुकान कर्मचारियों को बाजार से बाहर करने की तैयारही है. स्थानीय विधायक मालिनी गौड़ के पुत्र व हिंद रक्षक संगठन के प्रमुख एकलव्य सिंह गौड़ ने 1 महीने के अंदर ऐसी घटनाओं में लिप्ट कर्मचारियों को बाजार से बाहर करने की बात कही है.
कपड़े दिखाने के बहाने लेते हैं मोबाइल नंबर
दरअसल, विधायक पुत्र का कहना है कि शीतला माता बाजार और क्लॉथ मार्केट में रोज बड़ी संख्या में महिलाएं और युवतियां कपड़ों की खरीदी करने पहुंचती हैं. पहले तो दुकानों के बाहर खड़े होकर ये सेल्समैन उन्हें जबरदस्ती अपनी दुकान से खरीदी कराने का प्रयास करते हैं. इसके बाद महिला ग्राहक को साड़ी-सूट की डिजाइन मोबाइल पर भेजने के नाम पर नंबर ले लेते हैं. इसके बाद उनसे बेवजह संपर्क करने का प्रयास करने लगेत हैं. विधायक पुत्र ने आरोप लगाया है कि बीते कुछ सालों से विशेष समुदाय से आने वाले सेल्समैनों द्वारा ऐसी ही वारदातों को अंजाम दिया जा रहा है. इसी के चलते अब ऐसे लोगों को बाहर का रास्ता दिखाने की तैयारी है.
नहीं थम रहे थे महिलाओं से छेड़छाड़ के मामले
विधायक पुत्र एकलव्य गौड़ के मुताबिक, ऐसे मामलों पर नियंत्रण लगाने के लिए संबंधित समाज के प्रतिनिधियों से छेड़छाड़ में लिप्त युवकों और सेल्समैनों को समझाने की अपील भी की थी लेकिन कपड़े की दुकान पर काम करने वाले सेल्समैनों की हरकतें नहीं सुधरीं. क्षेत्र की दुकान में काम करने वाले सेल्समैनों पर कई महिलाओं और युवतियों ने जबरन फोन करने वाले सेल्समैनों की शिकायतें भी की, और फिर ये मामला विधायक मालिनी गौड़ तक पहुंचा.
महिलाओं के नंबर लेने वाले युवक रडार पर
इसके बाद हिंद रक्षक संगठन के प्रमुख और विधायक पुत्र एकलव्य गौड़ ने बाकायदा अभियान चलाया और ऐसे घटनाओं को अंजाम देने वाले युवकों को चिन्हित किया. एकलव्य के मुताबिक, '' इस अभियान के तहत सीतलामाता बाजार और कपड़ा बाजार के व्यापारियों से मुलाकात कर जिहादी मानसिकता वाले कर्मचारियों को अगले 1 महीने में दुकान से बाहर निकालने की अपील की है.''
व्यापारियों ने खुद किया अभियान का समर्थन
इधर क्योंकि व्यापारी पहले से ही इस स्थिति से परेशान थे तो उन्होंने भी इस अभियान का समर्थन करते हुए सबसे पहले ऐसे युवकों को अपनी दुकानों से बाहर करने का फैसला किया है. साथ ही ऐसे कर्मचारियों को चिन्हित किया जा रहा है जो साड़ी अथवा सूट बेचते समय या ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के बहाने युवतियओं और महिलाओं के नंबर लेते हैं.