इंदौर। 
इंदौर की जनपद पंचायत महू के कार्यपालन अधिकारी पंकज दरोठिया का मंगलवार देर रात ट्रांसफर हो गया। उन्हें बैतुल जिले की आमला जनपद पंचायत का प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी बनाया गया है। वहीं दरोठिया के स्थान पर गुना जिले के चाचौड़ा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी गिरिराज दुबे को कार्यभार सौंपा गया है। 
अचानक हुआ ट्रांसफर
मामले में सीईओ दरोठिया ने कहा कि महू में दो साल का कार्यकाल रहा। ट्रांसफर प्रशासकीय प्रक्रिया है, अचानक तबादले पर वरिष्ठ अधिकारी ही जानकारी दे सकते हैं। दरअसल दरोठिया द्वारा तीन सितंबर को कालाकुंड के सरपंच शिवप्रसाद दुबे, भाजपा समर्थित जनपद सदस्य उमेश औसारी, सरपंच दुबे के रिश्तेदार दीपक तिवारी सहित अन्य लोगों के खिलाफ मारपीट और शासकीय कार्य में बाधा का प्रकरण महू कोतवाली में दर्ज कराया गया था। 
सीईओ दफ्तर में हुई थी मारपीट, भाजपा नेता भी शामिल
दरोठिया ने आरोप लगाया था कि चोरल में दीपक तिवारी के रेस्टोरेंट के बाहर नाली का पानी जमा होने की समस्या को लेकर जनपद सदस्य औसारी, सरपंच दुबे अपने साथियों के साथ जनपद पंचायत कार्यालय पहुंचे थे। यहां उन्होंनें सीईओ दरोठिया से विवाद कर मारपीट की। भाजपा नेताओं ने अपने साथियों के साथ मिलकर दरोठिया को कार्यालय में पटककर लात-घूसे मारे। जिसके बाद सीईओ दरोठिया जनपद के कर्मचारियों और अधिकारियों के साथ थाने पहुंचे थे।
यहां करीब चार घंटे इंतजार के बाद सीईओ की एफआईआर दर्ज हुई थी। घटना के दूसरे दिन एसडीएम राकेश परमार ने चोरल पहुंचकर मारपीट करने वाले तिवारी की दुकान के अवैध कब्जे को जेसीबी की मदद से तुड़वाया था। वहीं मामले में 5 सितंबर को औसारी, दुबे और तिवारी ने महू थाने पहुंचकर गिरफ्तारी दी। जमानती धाराओं में प्रकरण होने से तीनों को थाने से ही जमानत भी मिल गई थी। 
14 सितंबर को चोरल में कांग्रेस का आंदोलन
सरकारी नाली पर भाजपा नेता के अवैध कब्जे पर कार्रवाई के बाद कांग्रेस ने भी मोर्चा खोल दिया है। 14 सितंबर को कांग्रेस द्वारा चोरल में वृहद स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। चौरल सरपंच और ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष अशोक सैनी ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के निर्देश पर जौरा विधायक पंकज उपाध्याय, जिला अध्यक्ष विपिन वानखेड़े सहित ब्लॉक कांग्रेस, यूथ कांग्रेस, महिला कांग्रेस के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
सैनी ने आरोप लगाते हुए बताया कि सिमरोल टप्पा अपर तहसीलदार द्वारा चोरल में अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए पुलिस बल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। बावजूद इसके पुलिस मुहैया नहीं कराई जा रही है। उन्होंने क्षेत्र में कई जगह सरकारी जमीनों पर भाजपा नेताओं द्वारा अवैध कब्जे की बात भी कहीं।
प्रकरण की धाराओं से जताई असंतुष्टि
सरकारी दफ्तर में शासकीय सेवक से मारपीट के मामले के बाद आरोपितों की थाने से जमानत पर अफसर भी हतप्रभनजर आ रहे है। सीईओ दरोठिया ने चर्चा के दौरान पुलिस द्वारा शासकीय कार्य में बाधा की धारा से असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने इस संबंध में दोबारा धाराओं की समीक्षा के लिए पुलिस को आवेदन देने की बात कहीं।
दो साल में ट्रांसफर, विवाद से जुड़े तार
सीईओ के स्थानातंरण को भाजपा नेताओं पर एफआईआर से जोड़कर देखा जा रहा है। उल्लेखनीय है कि दरोठिया ने 27 जून 2023 को महू जनपद कार्यालय में पदभार ग्रहण किया था। अमूमन सीईओ अपनी पदस्थापना के बाद न्यूनतम तीन साल तक सेवाएं देते हैं, लेकिन दरोठिया को मह जनपद में पदस्थ हुए दो साल ही हुए थे।