इंदौर। 
मध्य प्रदेश में इंदौर के एमवाय अस्पताल में एनआईसीयू वार्ड में भर्ती दो नवजात शिशुओं की मौत के बाद हड़कंप मच गया था. परिजनों का आरोप था कि बच्चों की मौत चूहों के काटने से हुई, जबकि अस्पताल प्रशासन इसे गंभीर बीमारियों और संक्रमण का नतीजा बता रहा था.
बच्ची की चार उंगलियां खा गए चूहे'
घटना के बाद अब एक आदिवासी संगठन ने सोमवार को दावा किया है कि दोनों में से एक मासूम बच्ची की चार उंगलियां पूरी तरह से चूहों ने खा ली थीं. उन्होंने अस्पताल प्रशासन पर झूठ बोलने और सभी को गुमराह करने का आरोप लगाया.
आदिवासी संगठन जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) ने अस्पताल अधीक्षक और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को निलंबित करने और गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की है. जयस के राष्ट्रीय अध्यक्ष लोकेश मुजाल्दा ने चेतावनी दी है कि अगर सोमवार शाम तक मांग पूरी नहीं हुई, तो आदिवासी समुदाय एक बड़ा आंदोलन शुरू करेगा.
थैली में परिवार को सौंपा गया शव
मुजाल्दा ने दावा किया कि उनमें से एक, धार जिले के देवराम की बेटी, जिसे जन्मजात विकृतियों के साथ अस्पताल में भर्ती कराया गया था, चूहों के हमले के बाद मर गई. उन्होंने बताया कि शनिवार शाम को पोस्टमार्टम के बाद शव को प्लास्टिक की थैली में परिवार को सौंप दिया गया. अंतिम संस्कार से पहले प्लास्टिक को हटाया गया, तो परिवार यह देखकर स्तब्ध और क्रोधित हो गया कि बच्ची के एक हाथ की चार उंगलियां कथित तौर पर चूहों ने कुतर दी थीं. उन्होंने एमवायएच प्रशासन पर आरोप लगाया कि उसने शुरुआत में यह दावा करके सबको गुमराह किया कि बच्ची की उंगलियों में चूहों के काटने से मामूली चोटें आई हैं.