इंदौर। 
इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव के बेटे संघमित्र के वाद-विवाद प्रतियोगिता प्रतियोगिता में दिए भाषण को लेकर कांग्रेस सांसद और पूर्व महाधिवक्ता विवेक तन्खा ने संघमित्र का समर्थन किया है। तन्खा ने सोशल मीडिया पर लिखा कि वाद-विवाद प्रतियोगिता छात्रों की प्रतिभा, तर्कशक्ति और आत्मविश्वास का मंच होती है। इसमें प्रतिभागी कभी पक्ष रखते हैं तो कभी विपक्ष होता है। इसी क्रम में इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव के पुत्र संघमित्र ने विपक्ष की भूमिका निभाते हुए अपनी वक्तृत्व कला का प्रदर्शन किया। खेदजनक है कि उनके वक्तव्य को राजनीतिक चश्मे से देखा गया और उन्हें ट्रोल का शिकार बनाया गया। संघमित्र ने केंद्र सरकार के खिलाफ अपना भाषण दिया जो की उनका पक्ष था। राजनीति का स्तर इतना नीचे नहीं गिरना चाहिए कि बच्चों की मासूम प्रतिभा भी उसकी भेंट चढ़े। यह न केवल युवा के आत्मविश्वास को तोड़ने का प्रयास है बल्कि समाज की सोच पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। सकारात्मक पहल यह रही कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संघमित्र की प्रतिभा की सराहना की और मार्गदर्शन दिया। यह संदेश स्पष्ट है कि सच्ची प्रतिभा को राजनीति के तराजू में नहीं तोला जाना चाहिए। हमें अपने युवाओं का मनोबल बढ़ाना चाहिए, गिराना नहीं तन्खा से पहले पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजयसिंह और मंत्री कैलाश विजयगर्वीय भी संघमित्र के भाषण की तारीफ कर चुके हैं।
दिग्विजय सिंह ने की महापौर के बेटे की तारीफ
शुक्रवार सुबह पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने संघमित्र के भाषण के अंश को ट्विट करते हुए कहा था कि वे काफी प्रभावशाली वक्ता हैं। इसके बाद शाम को इंदौर दौरे के दौरान मीडिया के सवाल पर उन्होंने कहा कि संघमित्र ने काफी प्रभावी तरीके से अपनी बात रखी और जो उन्होंने कहा और तथ्य रखे मैं उन दोनों से सहमत हूं।