दिग्विजय ने किया सिंधिया के बेटे का बचाव, भाजपा महापौर के बेटे को भी सराहा
भोपाल।
पूर्व सांसद एवं जननेता कॉमरेड होमी एफ दाजी की जन्मशताब्दी वर्ष की शुरुआत के अवसर पर आज इंदौर के गांधी हॉल प्रांगण में “भारत में समाजवाद – संभावनाएं एवं चुनौतियां” विषय पर एक स्मृति राष्ट्रीय संवाद का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता के रूप में राज्यसभा सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कई विषयों पर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम के पहले पत्रकारों से चर्चा के दौरान केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के बेटे महाआर्य़मन सिंधिया के एमपीसीए के अध्यक्ष बनने पर उन्होंने कहा कि परिवारवाद तो हर जगह है। व्यापारी का बेटा व्यापार करेगा, वकील का वकील बन सकता है और नेता का नेता। इसमें बुराई क्या है। प्रतिभा है तो आप आगे जाएंगे वरना कोई आपके लिए कुछ नहीं कर पाएगा। उन्होंने हाल ही में चर्चित हुए महापौर पुष्यमित्र भार्गव के बेटे के भाषण की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि उनके बेटे संघमित्र का भाषण बेहद प्रभावशाली था। उन्होंने भाषण में सच बातें कही।
पीएम, जीएसटी, धनखड़ से आदिवासी तक...
पत्रकारों से चर्चा के दौरान दिग्विजय सिंह ने जीएसटी (GST) 2.0 के नए सुधारों को लेकर भी असहमति जताई और अभी भी इसे अपर्याप्त बताया। वहीं, उन्होंने पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे पर भी बात की। कहा कि मैंने उनसे मिलने का समय मांगा है, लेकिन यहीं बताया गया कि वे अभी मिलना नहीं चाहते हैं। उमंग सिंघार के बयान पर सिंह ने कहा कि मूल रूप से यह देश आदिवासियों का ही है, हम सभी तो सेंट्रल एशिया से आए हुए हैं। हमारे संविधान में ही सभी को अपने धर्म को मानने का अधिकार है। आदिवासी प्रकृति पूजक हैं। उन्हें अपनी आस्था के अनुसार धर्म मानने का अधिकार है, यह बीजेपी द्वारा गलत तरीके से प्रचारित किया जा रहा है। पीएम को अपशब्द वाले मामले पर कहा कि हमने शुरू से कहा है कि जिसने अपशब्द कहे उस पर पूरी सख्ती से कार्रवाई हो। वह ना कांग्रेस का सदस्य है और ना समर्थक है।
लोकतंत्र पर खतरा
इससे पहले कार्यक्रम में संबोधित करने के दौरान दिग्विजय ने कहा कि भारत में समाजवाद का लक्ष्य आजादी आंदोलन और स्वतंत्रता के बाद हमारी नीतियों का आधार रहा है। नेहरू और इंदिरा के काल में जमींदारी उन्मूलन, भूमि सुधार, मिश्रित अर्थव्यवस्था, वोट का समान अधिकार, आरक्षण पब्लिक सेक्टर, मजदूर हितैषी कानून समाजवादी नीतियों के द्योतक थे। आज उन्हीं अधिकारों, कानूनों पर हमला हो रहा है। समाजवाद और धर्मनिरपेक्षता को बचाने के लिए लोकतांत्रिक व्यवस्था को बचाने की जरूरत है। आज लोकतांत्र पर खतरा है। टेक्नोलॉजी और अन्य माध्यमों से लोकतंत्र पर चोट की जा रही है। आज इन मुद्दों पर जनांदोलन खड़ा करने की आवश्यकता है। आज होमी दाजी जैसे जननेता की राह पर चलने की जरूरत है।
आंदोलनों ने कई महान हस्तियों को जन्म दिया
समाजवादी विचारक एवं प्रगतिशील लेखक संघ मध्यप्रदेश के राज्य सचिव मंडल सदस्य सत्यम सागर ने अपने संबोधन में कहा कि समाजवाद हमारे आजादी के आंदोलन का लक्ष्य था। समाजवादी आंदोलन ने देश को बेहतरीन लेखक, कवि, कलाकार, फिल्मकार दिए जिन्होंने आम जनता के मुद्दों को आवाज दी। संप्रभुता, समाजवाद, धर्मनिरपेक्षता और प्रजातंत्र हमारे संविधान के मूल आधार हैं। आजादी ने प्रजा को नागरिक बनाया था। आज हम नागरिकों को 5 किलो राशन की लाइन में खड़ा कर फिर प्रजा बना रहे हैं। समान निःशुल्क शिक्षा, रोजगार गारंटी, भूमि सुधार, सबके लिए आवास समाजवाद की बुनियादी जरूरत है। इसके लिए जरूरी है कि संसाधनों पर समाज की मिल्कियत हो। लेनिन, चेग्वारा, नेहरू ने इसे संभव बनाया तो यह आज भी संभव है।
दाजी ने समाजवाद को आम जनता के संघर्षों से जोड़ा
विषय प्रवर्तन करते हुए समाजवादी विचार प्रसार केंद्र न्यास के प्रबंध न्यासी अरविन्द पोरवाल ने कहा कि आज कॉमरेड होमी दाजी की जन्मशताब्दी वर्ष की शुरुआत है और साथ ही भारत में समाजवाद की सौ वर्ष की यात्रा को याद करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि कॉमरेड दाजी ने समाजवाद को केवल सिद्धांत न मानकर उसे जिया और मजदूरों-किसानों व आम जनता के संघर्षों से जोड़ा। भारत में समाजवाद की यात्रा रूसी क्रांति की गूंज से लेकर स्वतंत्र भारत की पंचवर्षीय योजनाओं, राष्ट्रीयकरण और प्रगतिशील सुधारों तक फैली है। नई आर्थिक नीतियों (1991) ने समाजवाद को हाशिए पर धकेला, लेकिन आज की विषम परिस्थितियों में समाजवाद का पुनराविष्कार आवश्यक है। यही कॉमरेड होमी दाजी की स्मृति में सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
आमंत्रित अतिथियों का सूत की माला एवं स्मृति चिन्ह द्वारा स्वागत किया गया। स्टेट प्रेस क्लब मध्यप्रदेश के अध्यक्ष प्रवीण खारीवाल, श्रम संगठनों की संयुक्त अभियान समिति के संयोजक एवं इंटक (INTUC) के प्रदेश अध्यक्ष श्यामसुंदर यादव, अभ्यास मंडल के शिवाजी मोहिते, रामस्वरूप मंत्री, कैलाश लिम्बोदिया, हरनाम सिंह, फादर पायस, मनोहर लिम्बोदिया, राहुल निहोरे, सारिका श्रीवास्तव, योगेन्द्र महावर, प्रकाश पाठक ने अतिथि स्वागत किया। अध्यक्षीय भाषण श्याम सुंदर यादव ने दिया और आभार प्रदर्शन कॉमरेड रुद्रपाल यादव द्वारा किया गया। कार्यक्रम का संचालन विवेक मेहता ने किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शहर के गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। यह कार्यक्रम समाजवादी विचार प्रसार केंद्र न्यास, स्टेट प्रेस क्लब मध्यप्रदेश, अभ्यास मंडल इंदौर, श्रम संगठनों की संयुक्त अभियान समिति एवं भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (इंदौर जिला इकाई) द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया।

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