इंदौर। 
इंदौर में एक अयोग्य एवं नकली डॉक्टर (Fake Doctor) द्वारा बगैर किसी पंजीयन और वैधानिक डिग्री प्राप्त किये मरीजों का उपचार करने पर संबंधित डॉक्टर के विरूद्ध एफआईआर (FIR) दर्ज करायी गई है. इंदौर कलेक्टर (Indore Collector) ने बताया कि नकली डॉक्टर द्वारा इलाज किया जा रहा था, जिसमें एक मरीज की मौत हो गई. मौत का मामला सामने आने पर सीएमएचओ को जांच के निर्देश दिए गए. उसके बाद एफआईआर दर्ज करने की कार्रवाई की गई.
CMHO का क्या कहना है?
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ माधव प्रसाद हासानी ने बताया कि स्थानीय निवासी आरती पलवार ने 'जन सुनवाई' (आम लोगों द्वारा जिला प्रशासन को अपनी परेशानियां बताने की साप्ताहिक व्यवस्था) में शिकायत की थी कि एलोपैथी के कथित फर्जी चिकित्सक प्रदीप पटेल के इलाज से उनके पति श्याम पलवार की 22 मई 2024 को मृत्यु हो गई थी. पलवार की उम्र 41 वर्ष थी. सीएमएचओ के अनुसार शिकायत पर जांच में पाया गया कि हवा बंगला क्षेत्र में पटेल का क्लीनिक नियम-कायदों के मुताबिक पंजीकृत नहीं है और उनके पास एलोपैथिक पद्धति से उपचार करने के लिए कोई वैधानिक डिग्री भी नहीं है. हासानी ने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर पटेल के खिलाफ मध्यप्रदेश आयुर्विज्ञान परिषद अधिनियम 1987 और मध्यप्रदेश चिकित्सा शिक्षा संस्था (नियंत्रण) अधिनियम 1973 के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई गई है. स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय गुप्ता ने बताया कि शिकायतकर्ता महिला के मुताबिक उनके पति तेज बुखार का इलाज कराने पटेल के क्लीनिक में पहुंचे थे. उन्होंने बताया कि पटेल एक मेडिकल स्टोर के साथ यह क्लीनिक चला रहे थे और जांच में उनके पास फार्मेसी व इलेक्ट्रो-होम्योपैथी की उपाधियां मिली थीं
जांच में क्या मिला?
इस आधार पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी इंदौर द्वारा जाँच दल गठित कर जाँच करायी गई. जांच रिपोर्ट में यह पाया गया कि प्रदीप पटेल द्वारा संचालित पटेल मेडिकल एण्ड क्लिनिक -11 श्री राम नगर मेन चौराहा, हवा बंगला इंदौर का किसी भी प्रकार का  या म.प्र. संबंधी  रजिस्ट्रीकरण या पंजीयन नहीं पाया गया. साथ ही प्रदीप पटेल के पास एलोपैथी पद्धति से उपचार किये जाने हेतु किसी भी प्रकार की कोई वैधानिक डिग्री नही पाई गयी और पटेल द्वारा बगैर कोई वैधानिक एलोपैथी पद्धति की डिग्री व पंजीयन के  श्याम पलवार का एलोपैथी पद्धति से उपचार किया जाना व उपचार के बाद पलवार की मृत्यु होना पाया गया. स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रदीप पटेल के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई गई है.