'आपको गिरफ्तार करेंगे...' मनी लॉन्ड्रिंग का डर दिखाकर रिटायर्ड महिला अधिकारी की तुड़वाई FD, शातिरों ने चार बार में उड़ाए करोड़ों
ग्वालियर।
एक रिटायर्ड महिला अधिकारी के साथ बड़ी ठगी का मामला सामने आया है। यह ठगी साइबर फ्रॉड के माध्यम से की गई है। खुद को दिल्ली का अधिकारी बताकर महिला को गिरफ्तारी का डर दिखाया। बुजुर्ग महिला को 37 दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखा गया और उनसे अलग-अलग खातों में चार बार में कुल 1 करोड़ 58 लाख रुपए ट्रांसफर कराए गए।
महिला ने दर्ज कराई शिकायत
वहीं, अपने साथ जब महिला को ठगी का पता लगा तो उन्होंने ग्वालियर पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत 10 मई को हुई थी। ग्वालियर शहर के पाटनकर साहब का बाड़ा इलाके में रहने वाली स्वास्थ्य विभाग की रिटायर्ड लैब टेक्नीशियन मीनाक्षी नाखरे के पास 10 मई को फोन आया था। फोन दिल्ली से आया था। फोन करने वाले व्यक्ति ने खुद को टेलीकॉम मुख्यालय का अधिकारी अशोक गुप्ता बताया था।
मोबाइल से हो रही है आपराधिक गतिविधियां
फोन करने वाले शख्स ने मीनाक्षी से कहा कि आपके मोबाइल कॉल से अपराधिक गतिविधियां हो रही हैं। इस पर मीनाक्षी घबरा गई इसके बाद अशोक गुप्ता नाम बताने वाले शख्स ने कहा कि आपको दिल्ली पुलिस से एनओसी लेनी होगी, तभी आप बच पाएंगी।
दिल्ली पुलिस अधिकारी के नाम से आया कॉल
इसके बाद मीनाक्षी के पास दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी सुनील कुमार का वीडियो कॉल पहुंचा। खुद को अधिकारी बताने वाले सुनील कुमार ने मीनाक्षी को गिरफ्तारी का डर दिखाया। सुनील कुमार ने मीनाक्षी से कहा कि आपके खाते के माध्यम से तकरीबन सात करोड़ रुपए का मनी लॉन्ड्रिंग किया गया है। आईसीआईसीआई बैंक का मैनेजर भी गिरफ्तार किया गया है। अब आपकी गिरफ्तारी होगी। इस तरह बुजुर्ग मीनाक्षी को गिरफ्तारी का डर दिखाया गया और उनको 37 दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखा।
लगातार बढ़ रहे हैं मामले
- ग्वालियर में डिजिटल अरेस्ट के बड़े मामले लगातार बढ़ रहे
- बीते एक साल में बड़ी ठगी के कई मामले आए सामने
- जांच एजेंसियों का डर दिखाकर रिटायर्ड लोगों से हो रही लाखों की ठगी
- डर के मारे बुजुर्ग लोग किसी को नहीं देते हैं जानकारी
37 दिनों तक रखा कैद
इन 37 दिनों में मीनाक्षी से उनकी एफडी तुड़वाकर तकरीबन एक करोड़ 58 लाख रुपए अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करवाए गए। इसके बाद 16 जून से फोन आना बंद हो गए। फिर मीनाक्षी ने दिल्ली के बारह खंभा पुलिस स्टेशन में संपर्क किया तो उन्हें बताया गया कि उनके यहां सुनील कुमार नाम के अधिकारी तो जरूर हैं लेकिन वीडियो कॉल के माध्यम से जो आपसे बात कर रहा है। वह सुनील कुमार नहीं है। इसके बाद मीनाक्षी को अपने साथ हुई ठगी का मालूम चला। वे सीधे ग्वालियर पुलिस के पास पहुंची और यहां एफआईआर दर्ज करवाई है।

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